Monday, August 21, 2023

KAAL ( JIVAN )

 

                         काल 


पुरातन काल ,पौराणिक काल ,

अँधेरों में डूबा ,रहस्यात्मक काल ,

कब ,क्या हुआ ? कोई ना जाने ,

वैज्ञानिक अनुमान  लगाते हैं ,दूसरे उनकी बात काटते हैं | 


हम भ्रम में जी रहे हैं ,कौन सही ,कौन गलत ? 

किसी  के पास कोई प्रमाण नहीं ,

सब कुछ अँधेरों के पर्दे में छिपा हुआ ,

कौन उठाएगा पर्दा ,उजियाला करेगा ? 


जिंदगी ऐसी ही है ,पौराणिक काल ,

अँधेरे में बीता हुआ ,

भविष्य भी पर्दे में छिपा हुआ | 


सिर्फ वर्तमान है दोस्तों ,यानि आज का समय ,

जो कुछ भी है आज है ,अच्छे से जी लो इसे ,

मुस्कुरा कर बिता लो ,खिलखिलाकर बिता लो ,

तो जिंदगी ,स्वयं मुस्कुराएगी ,स्वयं खिलखिलाएगी | 



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