Tuesday, January 23, 2024

AASHEESH ( AADHYAATMIK )

 

                    आशीष 


सुन ऊपर वाले तेरी दुनिया में ,

तेरी रचना परेशां है ,

जिंदगी दर्द में डूबी है ,

हर इंसान परेशां है ,

आशीष भिजवा दे धरती पर ||


दर्द को तू खत्म कर दे ,

आशीष भिजवा दे धरती पर ,

अपनी रचना को दे राहत ,

दुःखों को दूर कर दे तू ,

आशीष भिजवा दे धरती पर ||


आशीष जब तेरा आएगा ,

तभी आराम आएगा ,

तू भी तो ए - मालिक ,

तभी तो मुस्कुराएगा,

तभी तो तुझसे विनती है ,

आशीष भिजवा दे धरती पर || 



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