Tuesday, January 9, 2024

RAAJ DOSTII KAA ( JIVAN )

 

                     राज दोस्ती का 


बहुत समय बीता ,दोस्त सभी साथ थे ,

आज का आलम ये है ,दोस्त सभी दूर -दूर हो गए ,

मगर क्या वो दिल से दूर हैं आज ? ?


नहीं ! सभी तो ,

 दिल के आंगन में बसे हैं ,

दिल ही दिल में ,बातें होती रहती हैं ,

बातों का सिलसिला ,रुकता नहीं  है दोस्तों || 

 

जब दिल के तार जुड़े हों ,तो दूरी के क्या मायने ?

लगता है सब कुछ ,पहले जैसा ही है ,

सवाल - जवाब सभी ,मानो सुनाई देते हैं || 

 

मुलाकातें ना भी हों ,क्या फर्क पड़ता है ? 

दिल से दिल तक का ,पुल तो मजबूत है ,

उसी से तो दोस्ती जुड़ी है ,

यही तो दोस्ती का ,राज है दोस्तों || 

 

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