Wednesday, December 16, 2020

NAYA SAVERA , PURANE PATTE ( JIVAN )

                नया सवेरा , पुराने पत्ते 

 

आई चिड़ियों की आवाज ,उठ जाओ हुआ प्रभात , 

नहीं नींद में डूबे रहो ,नहीं सपनों में खोए रहो | 


सूरज की किरणें फ़ैल गईं ,संसार सुनहरा हो गया ,

जागो सभी सोने वालों ,देखो सवेरा हो गया | 

 

दिन कीसुंदर शुरुआत हुई ,चाय की चुस्की शुरु हुई ,

तुम भी उठकर आओ अब ,गरम नाश्ता खाओ अब | 

 

राही चल रहे सड़कों पर ,रेलगाड़ी भी चल दी अब ,

तुम भी अब तैयार होकर,ऑफिस को चले जाओ अब | 

 

 काम चलेगा सारे दिन ,नहीं मिलेंगे खाली छिन ,

काम में तुम लग जाओ अब , व्यस्तता को अपनाओ अब | 


खिड़कियों को बंद ना रखो,आने दो ताज़ी हवाओं को अब,

दिल ,दिमाग खुल जाने दो ,नए विचार अपनाओ अब | 

 

पतझड़ का मौसम आया है ,झड़ जाने दो पुराने पत्ते ,

झड़ जाएंगे पुराने पत्ते ,आने दो नए पत्ते अब | 

 

पतझड़ के बीतते ही ,हरियाली छा जाएगी ,

बागों में तभी तो ,बहार मुस्कुराएगी | 

 

 

 

 




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