Wednesday, December 23, 2020

PYAR BASATA HAI ( SHORT POEM )

      प्यार बसता है 


पहाड़ों में बसीं वादियाँ ,

मानो प्यार में डूबीं घाटियाँ ,

बुलातीं सभी को , आओ बस जाओ तुम ,

पाओगे तुम यहाँ ,हसीन सी झाँकियाँ |


प्यार बसता यहाँ ,प्यार रिसता यहाँ ,

मानो कोई हो झरना ,यहाँ प्रेम का ,

प्यार हर फूल में ,हर कली में बसा ,

प्यार की माला हर कोई ,पिरोए यहाँ |


प्यार की धुन यहाँ ,वादियों में गूँजती ,

प्यार की महक से ,बहारें महकतीं ,

हरेक घर में प्यार की ,खिचड़ियाँ हैं पकतीं ,

प्यार की खिलखिलाहट ,मुस्कानों में सजतीं |


छोड़ कर अपने शहर ,अपने घर ,

लोग आते यहाँ ,लोग बसते यहाँ ,

तुम भी आकर यहाँ ,इन्हीं में खो जाओ ,

छोटा सा अपना नीड़ ,बसाओ यहाँ |




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