Sunday, May 21, 2023

BAAVARAA MANN ( GEET )

 

                   बावरा मन 


मन हो गया बावरा ओ - सखि ,

कैसे इसको मनाऊँ ओ - सखि ,

घूमें ये तो चहुँ ओर को सखि ,

कैसे इसको मनाऊँ ओ - सखि ?

 

राम जाने ,क्या सोच ,इसको लगा ?

राम जाने ,क्या रोग ,इसको लगा ? 

ये तो घूम -घूम के ,नाचे रे ओ - सखि ,

कैसे इसको मनाऊँ ओ - सखि ?  


रंग सारे जहां के ,इसको अच्छे लगें ,

रूप फूलों के सारे मन में सजें ,

ये तो नाचे हरदम उन्हीं के बीच ,

कैसे इसको मनाऊँ ओ - सखि ? 


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