Saturday, February 3, 2024

SAPANE MEIN CHAAND ( CHANDRAMA )

 

                  सपने में चाँद 


सपने में आया था चाँद ,वो तो मेरा है दोस्त ,

खिड़की पे आहट हुई ,उसने पुकारा मुझे || 


"उठ के तू आजा सखि ,देख तो जरा ,

कितना सुंदर नजारा है ? मैं भी गगन से उतरा ,

देख तो जरा ,कितनी चंदनिया है ? 

आजा ! तू आजा सखि ,मेरी चाँदनी में तू नहा ||"


खिली हुई चाँदनी है ,तू भी चमक जाएगी ,"

सुनकर मैं उठी ,खिड़की से बाहर फैली थी चाँदनी ,

चंद्रमा गगन में चमकते हुए ,मुस्कुरा रहा था ,

मेरे सपने को ,सच कर रहा था || 


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