Thursday, November 30, 2023

NEEND TALEY SAPAN JHARE ( JIVAN )

 

                  नींद तले सपन झरे 


आई निंदिया नयनों में ,हमको दिया सुलाय ,

धीरे - धीरे उसने हमें ,सपनों में दिया घुमाय  || 


सपनों की दुनिया तो ,बड़ी ही थी अनोखी ,

अनजाने  से शहरों में ,हमको दिया घुमाय  || 


सुंदर सी नगरी कोई ,प्यारी सी नदिया कोई ,

सभी जगहों की उसने तो ,दी हमको सैर कराय  || 


निंदिया और सपनों की दुनिया ,दोनों ही अति सुंदर ,

बिना थकावट ही उन्होंने ,सैर कराई बिना थकाय  || 


नींद तले सपन झरे ,पलकों की गलियों में आय ,

ऐसे ही तो दोस्तों अपना , जीवन बीता जाय  || 


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