दायरा दोस्ती का
दोस्ती का दायरा ,फैलाते जाओ यारों ,
दोस्ती ही तो जिंदगी के ,अँधेरों को दूर करता है ,
दोस्ती ही तो दीपक बन कर ,तूफान में भी जलता रहता है ,
इन दीपकों की संख्या ,बढ़ाते जाओ यारों ||
अँधेरी राहों में भी तो ,ये ही उजियाले करते हैं ,
अँधेरी राहों में चलने की ,हिम्मत देते हैं ,
उनसे बटोरो हिम्मत को ,और कदम बढ़ाते जाओ यारों ||
समस्याओं का सामना ,हिम्मत से ही कर सकते हैं ,
हिम्मत के साथ ही ,कोशिशों को भी जोड़ लो यारों ,
तभी तो होठों पर ,मुस्कानें बढ़ती जाएँगी ,
और हमारी राहों को ,आसान बनाएँगी यारों ||
No comments:
Post a Comment