Tuesday, March 5, 2024

CHAMKAAR ( JALAD AA )

 

                            चमकार 


बदरा नभ में उड़त हैं ,पवन को संग लिवाय ,

चम -चम चमकत दामिनी ,दोस्ती खूब निभाय || 


बदरा बरखा लाय तो ,रिमझिम जल बरसाय ,

बरखा जब हो बंद तो , इंद्रधनुष छा जाय || 


दामिनी की चमकार ने , बदरा दिये चमकाय ,

उसी दामिनी ने तो ,बदरा खूब गरजाय || 


बदरा की बरखा से , धरा तृप्त हो जाय ,

तभी तो मानव करे प्रार्थना , बदरा को बुलाय || 


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