Monday, March 4, 2024

UMMEED OR VISHWAS ( JIVAN )

 

                उम्मीद और विश्वास 


उम्मीद और आशा  ,एक ही सिक्के के दो पहलू ,

विश्वास और भरोसा ,एक ही भाव के दो नाम ,

जान लो बंधु ,इन्हीं से जीवन मजबूत होगा ,

इन्हीं भावों से तो ,रिश्ते मजबूत होंगे || 


रेशम की डोर भी ,बहुत मजबूत हो जाती है ,

जब कि रेशम का धागा ,बहुत कमजोर होता है ,

मगर बहुत से धागे मिलकर ,मजबूत डोर बनाते हैं ,

वैसे ही उम्मीद और विश्वास के ,

नाजुक भावों से रिश्ते मजबूत बनते हैं || 


जगा लो बंधु ,अपने इन्हीं भावों को ,

बना लो बंधु ,मजबूत अपने रिश्तों को ,

समेट लो अपनी खुशियों  को ,जाने ना दो ,

दूर अपने ,अपनों को ,तभी तो प्यार ,

शांति  और सुखों को ,अपने जीवन में उतार पाओगे || 


 

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