Wednesday, April 21, 2021

MUKTAK ( 3 )

 

    

   मुक्तक ( 3 ) 

 1 )

   वक्त -ए -रुखसत पर ,कोई ना गिला करना ,

जाने के बाद वहाँ ,ना याद हमें करना | 

 2 )

    बैठी हूँ आस लिए ,अपने व्याकुल मन में ,

एक याद तो होगी मेरी भी ,मेरे साजन के मन में | 

 3 )

     इस शुभ घड़ी में हमदम ,देती हूँ दुआ तुझको ,

लग जाए बाकि सारी ,मेरी भी उम्र तुझको |

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