Tuesday, June 14, 2022

ADHOORE SAB ( JIVAN )

 

                      अधूरे सब 

 

पूरे इस संसार में ,कोई प्राणी नहीं पूरा है ,

हर कोई यहाँ अधूरा है ,कोई नहीं पूरा है | 

 

कमी तो बंधु ,सब में है ,तुम में भी और मुझ में भी ,

इसीलिए तो बंधु ,हर कोई यहाँ अधूरा है | 

 

कोई शरीर से है अधूरा ,कोई मन से अधूरा है ,

हाथ ,पाँव में कमी है ,और कोई सोच से अधूरा है | 

 

किन्नर भी हैं इस धरती पर ,कोई गड़बड़ी में डूबा रहता है ,

मन किसी का डूबा ख्यालों में ,कोई काम नहीं कर सकता है | 


ऐसे में किसी को ,कैसे करें पूरा ? कोई हल नहीं मिलता है ,

हम भी तो इसी में उलझे बंधु ,फिर पूरे कैसे हो सकते हैं ? 


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