Sunday, June 19, 2022

UDHAAR LO ( PREM )

 

                         उधार लो 

 

जीवन मिला छोटा सबको ,प्रेम ही कर लो बंधु ,

छोटे से जीवन को ,मुस्कानों में व्यतीत कर लो ,

जीवन के हर पल को ,प्रेम में डुबा लो बंधु | 

 

नफरतों को ना ,आने दो जीवन में ,

शिकायतों के लिए ,दरवाजा न खोलो ,

दोस्तों की दोस्ती में ,जीवन को डुबा लो बंधु |

 

प्रकृति के हर रूप को ,प्यार कर लो ,

उसको प्यार से ,संवार लो ,निखार लो ,

 प्रकृति की महक में ,खुद को डुबा लो बंधु | 


रंग हर मौसम का ,अनोखा है ,

हर लहर का स्वाद भी ,सबने चखा है ,

फिर क्यूँ ना लहरों का ,स्वाद भी उधार लो बंधु | 


 

 

 

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