Saturday, December 31, 2022

KAARVAN DOSTI KAA ( JIVAN )

 

                            कारवां दोस्ती का 


बीत रहा है ये वर्ष भी ,कुछ घंटों के बाद तो ,

ये वर्ष भी बस जाएगा यादों में ,

जैसे अभी तक के वर्ष बसे हैं ,यादों में | 


एक -एक करके ,कितने ही वर्ष बीत गए हैं ?

ऐसे ही तो दोस्तों ,लंबी उम्र भी बीत गई है ,

सारी यादें बस गईं हैं दिल में | 


कुछ खट्टी ,कुछ मीठी यादें ,

कुछ उलझी , कुछ सुलझी यादें ,

कुछ याद रहीं , कुछ भूली यादें ,

कुछ अपनी ,कुछ अपनों की यादें | 


प्रतिलिपि के जरिए , आप सब से जुड़ने की यादें ,

कुछ नए दोस्त बनते गए ,मिलते गए ,

और ये दोस्ती का कारवां ,बढ़ता गया ,बढ़ता गया | 


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