Saturday, December 31, 2022

LAMHAA ( JIVAN )

 

 

                      लम्हा 


आता है लम्हा जाता है ,वक़्त गुजरता जाता है ,   

हर लम्हा तो दोस्तों हमारी ,यादों में बस जाता है | 


हर लम्हा दिल धड़काता है ,नए जज़्बात जगाता है ,

हमारी सारी सोच को ,लम्हा ही आगे बढ़ाता है | 


जिस लम्हे मुस्कान जगती है ,लम्हा भी मुस्काता है ,

प्यार के पौधे को ,लम्हा ही वटवृक्ष बनाता है | 


मुस्कानों की लड़ियाँ ,टाँग दो हर तरफ दोस्तों ,

मुस्कानें बिखर जाएँगी ,हर लम्हे में दोस्तों | 


मत गिनो कि कितने ,लम्हे हैं हमारे जीवन में ? 

गिन डालो दोस्तों ,लम्हों में कितना जीवन है ? 


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