Wednesday, August 26, 2020

MERA KHADOOS BOSS (SHORT STORY )

                      मेरा खड़ूस बॉस 


दुनिया में कितने कार्यालय ,सभी में बॉस होते हैं ,

कितना भी मधुर व्यवहार करें ,वो खड़ूस कहलाते हैं ,

कर्मचारी जो काम करे ,वो बॉस को अच्छा लगता है ,

जो हो कामचोर वह तो ,खड़ूस उनको कहता है | 

 

समय पे ना आने वाले ,लाखों ही बहाने जानते हैं ,

बहाने उनके ऐसे हैं ,बॉस भी चुप हो जाते हैं ,

समय पे आने वाले ही ,उनके उलाहने सुनते हैं ,

क्योंकि बॉस के सामने ,वही उपस्थित होते हैं |


मस्का लगाने वाले भी ,मस्का तो खूब लगाते  हैं ,

पर जब मस्का ना काम करे ,खड़ूस उन्हीं को कहते हैं ,

अब बॉस बेचारा क्या करे ,काम उसे करवाना है ,

जिससे भी वह काम कराए ,वही खड़ूस समझता है | 


खैर मित्रों ये दुनिया है ,इसमें हैं अनगिनत कार्यालय ,

अनगिनत बास हैं ,अनगिनत कर्मचारी हैं ,

ये सिलसिला जारी है ,हमेशा चलता रहेगा ,

कर्मचारी बॉस को ,खड़ूस ही कहता रहेगा ,

मगर ना हर बॉस खड़ूस  है ,

और ना हर कर्मचारी कामचोर |

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