Friday, August 28, 2020

SAFAR ----- BHAGVAN, INSAN , SHAITAN KA ( JIVAN )

 

सफर  ----  भगवान ,इंसान ,शैतान  का 


एक भगवान ,एक इंसान ,एक शैतान ,

किसने ये सब बना दिया ? 

एक भगवान   --  रची जिसने ये दुनिया सारी ,

एक शैतान  --  जो तोड़े ये दुनिया सारी | 


भगवान के सफर में ,बनता है सभी कुछ ,

शैतान के सफर में ,मिटता है सभी कुछ ,

इंसान ना है भगवान ,ना है शैतान ,

इंसान के सफर में ,टिकता है सभी कुछ | 


भगवान ने एक ओर ,तो इंसान बनाया ,

उसके अंदर मानवता का ,भाव जगाया ,

भगवान ने ही दूजी ओर ,शैतान बनाया ,

और उसको ही ,विनाश का कर्म सिखाया | 


दोनों ही तो रचना हैं ,उस भगवान की ,

फिर हम क्यों बुराई करें ,उस शैतान की ,

हम तो सिर्फ इंसान हैं ,इंसान बनें रहें ,

भगवान की उस रचना को ,कुछ ना हम कहें ,

सिर्फ अपने कर्मों को ,अच्छाई से करें |

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