Monday, August 31, 2020

WHITE WARRIORS - HAMARE SWASTHYA KARMCHARI (13-8-20)

 वाइट वारियर्स -हमारे स्वास्थ्य कर्मचारी 

 

रचनाकार रचा तुमने ,कैसा ये दुनिया का खेला ?

महामारियों के चक्रव्यूह ने ,आकर इसको घेरा | 

 

ऐसी रचना क्यों की रचेता ? मानव तेरा अकुलाए ,

हवा तो तूने दी है ईश्वर ,साँस ना फिर भी आए | 

 

ऐसी पहेली है ये भगवन ,कोई ना उत्तर सूझे ,

ना है दवा ,ना है दुआ ,डॉक्टर्स भी ना बूझें | 

 

अपने -अपने घर को छोड़ा ,परिवारों से दूर ,

अस्पतालों में जूझ रहे हैं ,हैं फिर भी मजबूर | 

 

जान है उनकी भी जोखिम में ,है नहीं कोई उपाय ,

दे दो भगवन तुम ही उनको ,अच्छा कोई उपाय | 

 

मानव की ऐसी सोच तो देखो ,डॉक्टर्स को भगाय,

एम्बुलेंस को देखते ही ,पत्थर देय चलाय | 

 

जान बचाने आए जो ,उन्हें करें ना नमन ,

सफ़ेद कोट वालों को समझें ,अपनी जान का दुश्मन | 

 

मगर फिर भी लगे हैं सब जन ,जान बचाने उनकी ,

उस चक्कर में उनकी खुद की ,गयी हैं जानें कितनी ? 

 

उनके पीछे परिवार की ,कौन करेगा देखभाल ? 

ये सब वो मूर्ख क्या जानें ? जो हैं अनजाने पत्थरबाज | 

 

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