Wednesday, July 14, 2021

MUKTAK - 5

 

            मुक्तक -5 

 

1 )

दिल में एक दर्द उभर आया है ,

तेरी यादों ने जो तड़पाया है ,

गर्म साँसों का ये तूफ़ान उमड़ आया है ,

तेरी यादों ने जो तड़पाया है |

 

2 )

जिंदगी एक दर्द बन के रह गई ,

हर ख़ुशी ग़म में ढल के रह गई ,

तू गैर का हुआ है परदेस में जाकर ,

कोई आवाज कानों में ये कह गई | 

 

3 )

भूले तेरे प्यार में सारा जहां ,

मिला ना पर कामयाबी का निशां ,

तन्हा थी ,आज भी तन्हा हूँ ,

ना जाने ख़त्म होंगी ,ये तन्हाईयाँ कहाँ ? 

                      

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