Tuesday, April 2, 2024

JAANII - PAHACHAANII ( JIVAN )

 

                   जानी - पहचानी 


जग  में हैं अनगिनत सी राहें ,

सब ही हैं अनजानी  सी राहें ,

कैसे कोई चले उन पर ? राहों का रास्ता कौन बताए ? 


आशीषों के दीये जलाओ ,

सबको ही  तुम राह दिखाओ ,

राहें सबकी होंगी पार , सब ही जाएँगे उस पार || 


प्यारा साथी साथ में हो तो ,

आसान सी राहें   हो जाएँगी ,

साथी ढूँढ लो पहले दोस्त ,तभी तो राहें जगमगाएँगी || 

 

फिर तो राहें हो जाएँगी ,जानी -  पहचानी सी ,

जीवन सुगम हो जाएगा , राहें भी सुंदर हो जाएँगी || 

  

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