Sunday, April 14, 2024

JAAO ( JIVAN )

 

                         जाओ 

 

जीवन है सुख - दुःख की नदिया ,

कर्मों की खेते जाओ , 

ढंग से पतवार चलाते जाओ ,

ढंग से पतवार चलाते जाओ || 


समय -समय का फेर है बंधु ,

हाथों से पतवार चलाओ ,

होठों पर मुस्कान सजा कर ,

सुंदर सा गीत तुम गाते जाओ || 


दिल खुश हो कर नाच उठेगा ,

अँखियाँ चमक उठेंगी बंधु ,

ऐसे में ही तुम बंधु ,

लहरों से प्यार जताते जाओ || 


सुख -दुःख आएँ जब जीवन में ,

दोनों को अपनाते जाओ ,

एक बिना दूजा है अधूरा ,

बिल्कुल ना तुम घबराओ || 


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