Saturday, April 6, 2024

MAHKAAO ( KSHANIKAA )

                   

                         महकाओ 

 

मत रोको कदम अपने ,राहों में आगे बढ़ते जाओ ,

कदमों पर लगाम मत लगाओ ,

राहों को पार करते जाओ || 

 

राहें पार करने पर ही तो ,मंजिलें मिलेंगी ,

कलियों के चटखने पर ही तो ,मुस्कानें खिलेंगी ,

मुस्कानों को बिखराकर ,

तुम चमन को महकाते जाओ || 

 

महकते चमन ही तो , जग को महकाएँगे ,

जग के साथ ही तो ,ब्रह्मांड महकेगा ,

पूरे ब्रह्मांड को महकाकर ,खुशियाँ बरसाते जाओ ,

 मन को महकाते जाओ ,आँखों को चमकाते जाओ || 



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