Friday, May 28, 2021

HAM MUSKAE ( JALAD AA )

 

 हम मुस्काए  ( जलद आ ) 

 

दिल का दर्द छिपा कर ,हम मुस्काए ,

अंदर तक ये कसक छिपी थी ,तुम ना आए | 

 

छा गईं घटाएँ अंबर में ,

तब चलीं हवाएँ तपन लिए ,

ऐसे में आई याद तेरी ,

तब से ये दिल है जलन लिए ,

उस जलन को पीकर हम मुस्काए | 

 

हर पल किया तेरा ,

        इंतजार हमने ,

देखे हमने कितने ?

           सुंदर सपने ,

सपने जो टूटे तो हम मुस्काए | 


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