Sunday, May 9, 2021

KAATIL CHANDA ( CHANDRAMA )

 

 

   चंद्रमा   (कातिल चंदा  ) भाग - 9 

 

आग के सीने में ,दहकते हुए अंगारे हैं ,

सिंदूरी रात के आँचल में ,

                     चमकते हुए सितारे हैं | 

 

आग के सीने में ,तपन नहीं है ,

रात के आँचल में ,

                     आज चाँद जो नहीं है | 


चाँद छिप गया है ,कातिल बन कर ,

आग सीने में भड़की है ,

                        ज्वाला बन कर | 


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