Monday, January 10, 2022

SAATHI MERE ( PREM )

 

                       साथी  मेरे 

 

रंग भरे बादल पे ,अपने इस आँचल पे ,

लिख दिया मैंने तेरा नाम ,ओ मेरे साथी रे | 

 

जीवन बीत रहा तुम संग ,प्यार का उसमें भरा है रंग ,

बीत जाए यूँ ही जीवन ,रहें हमेशा हम संग -संग ,

                                    ओ मेरे साथी रे | 

 

लंबी बहारें देखी हैं ,फूलों की कतारें देखी हैं ,

सावन की फुहारें देखी हैं ,दीपों की कतारें देखी हैं ,

                                      ओ मेरे साथी रे | 

 

बदरा की इस रिमझिम में ,चल दो मेरा हाथ पकड़ ,

बरसा दें हम भी मुस्कानें ,हाथों में हाथ पकड़ ,

                                  ओ मेरे साथी रे | 

 

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