Monday, January 24, 2022

BAALIKA DIVAS ( SMALL POEM ) PM

 

            बालिका दिवस 

 

एक दिन क्या नन्हीं परी का ? 

एक दिन क्या नन्हीं कली का ? 

पूरा बरस भी उसके लिए कम है | 


उसकी तो किलकारी गुंजन ,

उसकी खिलखिलाहट भी गुंजन ,

कदम नाचते से हैं चलते ,

घर में गूँज जाती है छन -छन | 


मुस्कानों से फूल खिलाती ,

बोलों से कोयल सी कूकती ,

आओ गर तुम मेरे पास ,

तुम्हें दिखाऊँ अपनी मुन -मुन | 


रंगों में वो सतरंगी सी ,

मानो वो है इंद्रधनुषी सी ,

दुनिया को रंगों से रंग दे ,

ऐसी है वो मेरी जिंदगी | 


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