Thursday, February 20, 2025

BATIYAA LO ( KSHANIKAA )

 

                               बतिया लो 


वक्त ने आज मुझसे मुलाकात की दोस्तों ,

कहा आज दो घड़ी बतिया लो मुझसे ,

मैं चला जाऊँगा तो फिर नहीं आऊँगा दोस्तों  ||  


मैं कहीं भी रुक नहीं सकता हूँ दोस्तों ,

पता नहीं ,फिर जब मिलूँगा तो क्या हो  ?

पता नहीं ,उस समय मैं तुम्हें हँसाऊँगा या रुलाऊँगा  ?

इसीलिए आज ही तुम बतिया लो दोस्तों  || 

 

आज तो हम दोनों के ,होठों पर मुस्कानें हैं ,

मीठे गीत हैं ,मीठे बोलों के तराने हैं ,

तो आज ही तुम मुझसे ,बतिया लो दोस्तों  || 

 

सभी की सोच बदलती जाती है ,

सभी की जिंदगी ,प्यार में डूबती चली जाती है ,

तो आज ही तुम मुझसे बतिया लो दोस्तों  || 

 

इन्हीं मुस्कानों को ,होठों पे सजाए रखो ,

दिल में प्यार को ,बसाए रखो दोस्तों ,

ये कहते हुए वक्त ने , फिर से बोला ,

तो आज  ही तुम मुझसे ,बतिया लो दोस्तों  || 


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