झूले मेले के
मेले में ऊँचे झूले में , कभी बैठे हो दोस्तों ?
वह झूला नीचे आता है , फिर ऊपर जाता है ,
ऐसे ही झूला घूमता जाता है दोस्तों ||
जब ऊपर जाता है , दूर तक मेला दिखता है ,
नीचे आते हुए ,हवा का तेज झोंका मिलता है ,
ऐसे ही झूला घूमता जाता है दोस्तों ||
नीचे आते हुए ,ऊपर जाते हुए ,
दिल की धड़कनें ,बदलती जाती हैं ,
कभी तेज होती हैं ,कभी धीमे होती हैं ,
ऐसे ही धड़कनों की ,गति बदलती जाती है दोस्तों ||
जिंदगी के रास्तों में भी , झूले के समान ,
उतार - चढ़ाव आते हैं दोस्तों ,
ये उतार - चढ़ाव ही ,जीवन में बदलाव लाते हैं ,
उन्हीं उतार - चढ़ाव से ,जीवन में ,
सभी भाव भी बदलते हैं दोस्तों ||
उन्हीं भावों से जीवन में ,चमकने वाले ,
सभी इंद्रधनुष ,जीवन में रंग और ,
खुशियों भर जाते हैं ,साथ ही ,
होठों पर मुस्कानें ,खिला जाते हैं दोस्तों ||
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