Friday, February 7, 2025

KYAA HUAA ? ( KSHANIKAA )

 

                             क्या हुआ  ?

 

राहों में चलते - चलते ,कदमों के बढ़ते - बढ़ते ,

जो कुछ हमने करना चाहा ,

दिल से वही किया ,पर पता नहीं क्यों  ??  


जो करना चाहा था ,और जो किया ,

वही नहीं हुआ ,कुछ और ही हो गया ,पता नहीं क्यों  ?? 

 

ऐसे में ही ,मिला कुछ और ही ,

और वह भी समझ में नहीं आया ,

क्या मिला था  ? पता नहीं क्यों  ?? 

 

सब कुछ समझ से परे था ,

उसका एक सिरा भी ,पकड़ में आ जाता ,

तो शायद सब कुछ सुलझ जाता ,

मगर कौन बता सकता है  ?

कि ऐसा क्यों हुआ  ?  हमें तो पता ही नहीं क्यों  ?? 

 

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