Saturday, October 10, 2020

JAANE KAHAN GAE ? (GEET )

    जाने कहाँ गए ?


कहाँ गईं वो सुनहरी आवाज़ें ,

जो दिल के तार छेड़ जातीं थीं ,

प्यार की दुनिया में हमको ले जातीं थीं ,

मदहोश कर जाती थीं |


" चौदहवीं का चाँद हो ,"

" बहारों फूल बरसाओ ,"

जैसे गीतों ने हमको गुदगुदाया ,

लगा जैसे मेरे लिए ही गाया |


" मेरे सपनों की रानी कब ,"

" ये शाम मस्तानी ,"

ने किया हमको दीवानी ,

कहाँ गई वो आवाज़ सुहानी ?


" ऐ - मेरी ज़ोहरा ज़बीं ,"

" लागा चुनरी में दाग ,"

सुनते लगता हम खो गए ,

गाने वाले की आवाज़ में गुम हो गए |


इन आवाज़ों के मालिक ,

दुनिया से हुए लापता ,

कोई ढूँढे तो दोस्तों ,

उनको बुलाने का रास्ता |




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