Monday, October 19, 2020

YE YAADEN

        ये यादें 


" भूली - बिसरी यादें मेरे ,

हँसते गाते बचपन की ",

आतीं हैं ये यादें मेरे ,

नींद चुराने नैनन की |


गुदगुदाती हैं ये यादें ,मेरे दिल को ,

छेड़ जातीं हैं ये यादें ,मेरे दिल को |


मुस्कराहट की वजह होती हैं ,ये यादें ,

गुनगुनाने की वजह होती हैं ,ये यादें ,

कदमों में गति भर देतीं हैं ,ये यादें ,

उड़ने को मजबूर कर देती हैं ,ये यादें ,

रुनझुन पायल सी बज उठतीं हैं ,ये यादें ,

जब बचपन के पिटारे से ,

निकल आतीं हैं ये यादें |



 

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