Saturday, October 3, 2020

PYAR KA DARD ( PREM )

            प्यार का दर्द 


इस नीले गगना तले ,प्यार का दर्द पले |


दुनिया बनाने वाले ने ,प्यार के फूल खिलाए ,

साथ में उन फूलों के ,काँटे भी थे लगाए |


प्रेम,प्यार की राहों को,ऊबड़-खाबड़ बनाया,

उन राहों के आगे, no entry का बोर्ड लगाया |


कुछ राही तो फिर भी,जाते उन्हीं राहों पर ,

कैसे रह पाएँगे वो ,जब जाएँगे ना उधर ?


उन राहों पर चलकर,और प्यार को अपनाकर,

वो दर्द सहन करते हैं,किसी के प्यार में डूबकर |


वो रही हैं मतवाले ,वो हैं भी हिम्मतवाले ,

तभी तो खोलें हैं , no entry के ताले |


पर दर्द में जब पड़ते हैं ,उसको सहन करते हैं ,

तब वही रही हरदम ,रचेता को याद करते हैं |

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