Tuesday, November 23, 2021

PAALANHAAR ( AADHYATMIK )

 

                     पालनहार 

 

उतर आ ईश धरती पर ,तेरी धरती परेशां है ,

धरा तो काँपती डर से ,हरेक मानव परेशां है ,

बचा ले अपनी रचना को,दुःखों को दूर करदे तू ,

मिटेगी अगर धरती तो,कौन मानेगा तुझको ईश? 


जिंदगी दे दे मानव को ,मिटा दे मौत के साए ,

नहीं कहते अमर हों हम ,मगर जीवन तो पूरा हो ,

नहीं छोड़ें अधूरे काम ,काम सारे ही पूरे हों ,

नहीं बिलखें दुधमुँहें ,नहीं कोई गोद सूनी हो | 

 

खिलखिलाहटें मत मिटा ,मुस्कानें जगने दे ,

कोई रोए ना रातों को,सभी के ख्वाब जगने दे,

तू है शक्तिशाली ,दिखा दे अपनी शक्ति को ,

कर दे जिंदगी आसां ,भर दे आशियानों को | 

 

ये सारी तेरी रचना हैं ,और हम तेरे बच्चे हैं ,

तू तो पालनहार है सबका,ये हमारे बोल सच्चे हैं, 

प्रार्थना है यही तुझसे ,सभी का ध्यान रख ले तू ,

सभी की साँसों को हे ईश्वर ,परिपूर्ण कर दे तू | 


भूल जा कोईब कैसा है ?सभी तो तेरी रचना हैं ,

बुराई को मिटा कर दे ,उन्हें अच्छा बना दे तू ,

कलम तेरी तो हे ईश ,कुछ लिखती मिटाती है ,

तू जो चाहे वो लिख दे ,तुझे तो पूरी आज़ादी है | 


तुझसे हर बात है कहदी ,नहीं नाराज होना तू ,

मेरा तो दोस्त है तू ईश,ये रिश्ता बहुत गहरा है,

मैं ना जानती पूजा ,मैं ना  जानती अर्चना ,

मगर मैं जानूँ हूँ ऐ ईश ,

तू है मेरा पावना ,तू है मेरा पावना | 


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