Sunday, November 28, 2021

VAHIIN TAK ( PREM )

           

          वहीं तक

 

आसमां से परे ,गहरे नीले क्षितिज में,

दूर - दूर तक फैला ,प्यार का मौसम ,

चलो साजना ,चलें हम वहीं तक | 

 

वहाँ ,जहाँ फूल नहीं उगते ,

वहां ,जहाँ सूरज नहीं छिपता ,

चलो साजना ,चलें हम वहीं तक | 

 

खुश्बुएँ प्यार की फैली वहाँ ,

जिंदगियों में खुश्बुएँ लिपटी वहाँ ,

चलो साजना ,चलें हम वहीं तक | 

 

कोई साया ना वहाँ दिखाई दे ,

कोई गूँज भी ना वहाँ सुनाई दे ,

चलो साजना ,चलें हम वहीं तक | 

 

मुस्कुराहटें भरी रहें जिंदगी में ,

चहचहाहटें भरी रहें जिंदगी में ,

चलो साजना ,चलें हम वहीं तक 

 

 सफर जिंदगी का चलता रहे यूँ ही ,

जिंदगी ख्वाब बुनती रहे यूँ ही ,

चलो साजना ,चलें हम वहीं तक | 

 

ख्वाब कुछ मीठे से ,तो कुछ खट्टे से ,

ख्वाब कुछ बुने से ,तो कुछ अधबुने से ,

चलो साजना ,चलें हम वहीं तक | 

 

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