Sunday, December 28, 2025

ANANT AAKAASH ( KSHANIKAA )

 

                      अनंत आकाश 

 

ईश्वर की बनाई इस दुनिया में ,सागर,धरती,आकाश हैं ,

तीनों ही मानव के जीवन का , आधार स्तंभ हैं  ,

इन्हीं से मानव की सभी , जरूरतें पूरी होती हैं  || 

 

सागर में जीवन पनपा , आया फिर धरती पर ,

धरती ने उसे पाला पोसा ,

अधिक से अधिक जरूरतें पूरी कीं ,

 माँ के समान मानव को ,प्यार से संवारा उसका जीवन || 

 

आकाश ने मानव को सुंदर ,

सूरज ,चाँद ,तारों से भरपूर छत दी ,

आकाश एक पर्त नहीं है , वह अनंत है  ,

हमारी दृष्टि तो उस अनंत तक ,पहुँच ही नहीं सकती  || 

 

हमारी सोच , हमारे विचार तो ,उस अनंत तक पहुँचते हैं ,

उस अनंत में पहुँच कर ,उसे भी गुंजायमान करते हैं ,

और तब  वह अनंत मुस्कुरा कर ,हमें अपने पास बुलाता है ,

तो चलो हम दूसरों की सोच ,जो अनंत में है ,

पूरा ध्यान लगा कर , सुनने की कोशिश करते हैं   || 

 

 

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