गीत बनी मैं
नव वर्ष 1 जनवरी 2026 की शुभकामनाओं के साथ ,
बूँद - बूँद करके सागर , मैं पी गई हूँ आज ,
रश्मि - रश्मि लेकर सूरज , मैं बन गई हूँ आज ,
कोई और भी कुछ ऐसा , कर सकता है क्या दोस्तों ??
पल - पल बिताकर वक्त , मैं बन गई हूँ आज ,
धागा - धागा सिलकर चादर , मैं बन गई आज ,
कोई और भी कुछ ऐसा , कर सकता है क्या दोस्तों ??
पत्थर - पत्थर जोड़कर हिमालय , मैं बन गई हूँ आज ,
फूल - फूल खिलाकर चमन , मैं बन गई हूँ आज ,
कोई और भी कुछ ऐसा , कर सकता है क्या दोस्तों ??
रंग - रंग को जोड़कर इंद्रधनुष , मैं बन गई हूँ आज ,
शब्द - शब्द जोड़कर एक गीत , मैं बन गई हूँ आज ,
कोई और भी कुछ ऐसा , कर सकता है क्या दोस्तों ??
No comments:
Post a Comment