फिक्र
फिक्रों में ना डूबो दोस्तों ,
फिक्रों को अपने से दूर भगा दो दोस्तों ,
सजा के होठों पे मुस्कान , फिक्रों का निशां मिटा दो ,
तभी तो राहें जीवन की , सुंदरता से भर जाएँगी दोस्तों ||
जो भी फिक्र में डूब जाता है , मानो खो जाता है ,
दिल भी फिक्र में डूबा रहता है , दिमाग सुन्न हो जाता है ,
ऐसे तो दिल - दिमाग की ,परेशानियाँ बढ़ जाएँगी दोस्तों ||
हम तो तो चाहते हैं हमारे दोस्त , खुशियों में डूबे रहें ,
मुस्कुराते रहें , खिलखिलाते रहें ,
तभी तो हम भी मुस्कुराएँगे दोस्तों ,
और खुशियाँ हमारा जीवन महकाएँगी दोस्तों ||
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