Tuesday, December 30, 2025

FIKRR ( JIVAN )

 

                                    फिक्र 

 

फिक्रों में ना डूबो  दोस्तों  ,

फिक्रों को अपने से दूर भगा दो दोस्तों  ,

 सजा के  होठों पे मुस्कान , फिक्रों का निशां मिटा दो ,

तभी तो राहें जीवन की  , सुंदरता से भर जाएँगी  दोस्तों  || 

 

जो भी फिक्र में डूब जाता है  , मानो खो जाता है ,

दिल भी फिक्र में डूबा रहता है  , दिमाग सुन्न हो जाता है ,

ऐसे तो दिल - दिमाग की ,परेशानियाँ बढ़ जाएँगी दोस्तों  ||  

 

हम तो तो चाहते हैं हमारे दोस्त , खुशियों में डूबे रहें ,

मुस्कुराते रहें , खिलखिलाते रहें , 

तभी तो हम भी  मुस्कुराएँगे दोस्तों  ,

और खुशियाँ हमारा जीवन महकाएँगी  दोस्तों   ||  

 

 

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