Thursday, September 17, 2020

AADHA - AADHA ( SHORT STORY )

     आधा  -  आधा 


पानी भरा गिलास में ,पूरा भरा गिलास ,

आधा मैंने पी लिया ,कितना भरा गिलास ? 

किसी ने कहा ,आधा खाली ,

किसी ने कहा ,आधा भरा ,

पर गिलास तो ,पूरा ही भरा था ,

आधे में पानी था ,तो आधे में हवा थी | 


मानव भी इसी प्रकार से ,अच्छाई ,बुराई का पुतला है ,

ना कोई पूरा अच्छा है ,और ना ही पूरा बुरा है | 


जिसे हम अच्छा मानते हैं ,उसमें भी थोड़ी बुराई है ,

जिसे हम बुरा कह जाते हैं ,उसमें भी थोड़ी अच्छाई है | 


अच्छे को हम कहते इंसान ,बुरे को कह देते शैतान ,

मगर दोनों ही तो होते हैं ,थोड़े इंसान , थोड़े शैतान | 


शैतान लगने वाले की ,थोड़ी अच्छाई बढ़ जाए ,

यूँ प्यार उसे हम दे दें तो ,अच्छा इंसान  बन जाए | 

 

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