Friday, September 25, 2020

UNSULJHI MURDER MISTRI (MURDER MISTRI )

 

अनसुलझी मर्डर मिस्ट्री 


थे मेरे भी कुछ अरमान ,

थे मेरे भी कुछ सपने ,

जिनको पूरा करने की ,

खूब की कोशिश हमने |


कुछ पूरे हुए अरमान ,

कुछ पूरे हुए सपने ,

बाकि के नहीं हुए पूरे ,

टूटे वो अरमान ,टूटे वो सपने |


किसने वो तोड़े अरमान ?

किसने वो तोड़े सपने ?

किसने उनका खून किया ?

किसने उनका क़त्ल किया ?


जाकर पता लगाए कौन ?

सभी खड़े हैं देखो मौन ,

नहीं सबूत है कोई भी ,

नहीं गवाह है कोई भी |


ये मर्डर मिस्ट्री यारों ,

रह जाएगी अनसुलझी ,

तुम ही कुछ कर पाओ तो ,

सच का पता लगाओ तो |

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