Monday, July 6, 2020

EK LADKI KO DEKHA TO EISA LAGA ( SHORT STORY )

एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा

आज की कहानी का शीर्षक पढ़कर ,
वो गीत याद आ गया साहब ,
खूबसूरत शब्दों के मोती लेकर ,
कर्णप्रिय संगीत का धागा पिरोकर ,
मधुर आवाज से उसको सजाकर ,
पर्दे पर जिस अंदाज से उतारकर ,
हमें पेश किया गया तो हम झूम उठे  |

उस समय तो लगता था साहब ,
ये गीत हमारे लिए ही बनाया है ,
और आज  भी यही लगता है ,
आज इस शीर्षक को पढ़कर झूम उठे  |

आज हम एक माँ हैं , पहली बार ,
जब अपनी बिटिया को देखा तो लगा हमें ,
जैसे प्रसाद ईश्वर का , आशीर्वाद ईश्वर का ,
जैसे कोयल की कूक ,जैसे रेशमी धूप ,
जैसे कोमल कली ,जैसे तितली उड़ी ,
उसका पहला कदम , उसका पहला वो शब्द ,
उसका पहला वो खेल ,हमारे हाथों का मेल ,
याद करा गया हमें , अपने बचपन की कथा  |

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