Monday, February 23, 2026

ICHCHHAA - SHAKTI ( KSHANIKAA )

 

                        इच्छा - शक्ति 

 

घड़ी के पैर नहीं होते  , फिर भी चलती जाती हैं  ,

ना खुद रुकती है , ना किसी को रुकने देती है  ,

जीवन भी उसी की रफ्तार से ,चलता रहता है   || 

 

जीवन के चलने के साथ ही  ,

भाव बढ़ते हैं  , आशाएँ बढ़ती हैं  ,

मगर बताओ दोस्तों  , क्या भरोसा बढ़ता है   ?

यही भरोसा तो , जीवन का आधार है  ,

इसी से जीवन  , अपनी रफ्तार से आगे बढ़ता है  || 

 

वैसे घड़ी तो बैटरी से चलती है  ,

मगर जीवन साँसों से , और सपनों से चलता है  ,

साँसें चलेंगी , तो जीवन चलेगा  ,

सपने पलेंगे , तो जीवन पलेगा ,

तो चलाइए जीवन को , मनचाही राह पर  ,

कीजिए अपने सपने पूरे  , अपनी इच्छा - शक्ति से  ,

तभी तो जीवन सुंदर होगा  दोस्तों   || 

 

Sunday, February 22, 2026

GUNN FOOLON KE ( KSHANIKAA )

 

                        गुण फूलों के 

 

जिंदगी फूलों की लड़ी है यारों  , 

इसको मुस्कानों से सजा लो यारों ,

फूलों के संग काँटे भी तो होते हैं  ,

उनसे खुद को तो बचा लो यारों   || 

 

फूलों के रंग सुंदर से होते हैं  ,

यही जीवन को रंगीन बना सकते हैं  ,

फूलों से  रंग माँग कर  ,

जीवन को उन रंगों से , खूब सजा लो यारों   || 

 

फूलों की महक बहुत दिलकश होती है  ,

सारे जग को ये तो महका देती है  ,

उसी महक को अपनी साँसों में भर कर  ,

अपने जीवन को उसी से महका लो यारों   ||  

Saturday, February 21, 2026

MAHAK BAGIYAA KII ( KSHANIKAA )

 

                         महक बगिया की 

 

ये धरा एक बगिया है दोस्तों  ,फूल खिले हैं बहुत से ,

कुछ महक फैलाते  हैं दोस्तों  ,कुछ रंग बिखराते हैं  ,

तितलियाँ फर - फर उड़ती हैं  , बच्चे खूब दौड़ते हैं  ,

पकड़ने को तितलियों के  , पीछे - पीछे दौड़ते हैं   || 

 

अनेक जीव - जंतु बसते हैं यहाँ  , धरती के आँचल  में ,

मानव इस बगिया का  , मालिक बनना चाहता है  ,

इस चाहत को पाने को  , वह बगिया उजाड़ता  जाता है ,

रचनाकार है बगिया का मालिक  ,सब कुछ सुंदर बनाता है   || 

 

तुम भी ये बगिया महका लो दोस्तों  , बना लो उसको सुंदर ,

बगिया में बिखरेंगे रंग , वो तुम को भी रंग जाएँगे दोस्तों  ,

बगिया जो महकेगी दोस्तों  , तुम भी तो महकते जाओगे  ,

रचनाकार भी देख के बगिया  ,आँचल तुम्हारा  भर देगा ,  

तो अपना आँचल भर लो  ,  बगिया को महका लो  ,

रचनाकार के प्यार को  समेट लो दोस्तों   ||   

 

Friday, February 20, 2026

IISH - ICHCHHAA ( AADHYAATMIK )

 

                         ईश - इच्छा 

 

जिसका भरोसा टूटा इस जहां में  ,

वह खुद ही टूट गया  ,

जिसे धोखा मिला इस जहां में ,

वह धोखे में डूब गया , लूटा गया उसको  ,

दुनिया रंग - बिरंगी है दोस्तों   || 

 

हर कीमत , हर पग  पर , चुकाते आए हैं दोस्तों  ,

आगे क्या होता है  ? यह तो ईश्वर ही जाने  ,

उसी का भरोसा है  हमको  ,हम जानते हैं  ,

ईश्वर हमारा भरोसा कभी नहीं तोड़ेंगे   || 

 

हम कुछ भी माँगें , या ना माँगें ,

हम जानते हैं , ईश्वर हमें वह सब जरूर देंगे  ,

जो हमारे भाग्य में लिखा है  ,

और जो कुछ हमारे लिए अच्छा है   || 

 

हे ईश्वर हमें ही नहीं , पूरे विश्व को ,

कुछ ऐसा ही देना  , जो उनके लिए अच्छा है  ,

हम पर भी उन्हीं के साथ रखना  ,

अपनी कृपा बनाए रखना ईश    || 

  

Thursday, February 19, 2026

SAJAA LO DOSTON ( KSHANIKAA )

 

                         सजा लो  दोस्तों 

 

अँधियारा घिरा है अगर  , 

निकल कर उजियारों में आओ दोस्तों ,

अज्ञानता अगर राहें रोकती हैं , 

मुड़कर ज्ञान पथ पर आओ दोस्तों  ,

ये जहां रंगों से इंद्रधनुष सजा लो दोस्तों   || 

 

प्यार से दुनिया सुंदर बनी  हुई है  ,

आप भी प्यार को अपना लो दोस्तों  ,

रिश्तों से जीवन सुंदर लगने लगता है  ,

रिश्तों से जीवन सजा लो दोस्तों  ,

दोस्ती  का दूसरा नाम ही जीवन है  ,

इसी जीवन को अपना लो दोस्तों   || 

 

मुस्कान चेहरे पर सबसे सुंदर मेकअप है ,

होठों पर इसे सजा लो दोस्तों  ,

मुस्कान बाँटोगे तो बदले में मुस्कान मिलेगी ,

बाँटो इसे खूब दोस्तों  ,

सूरज की कुछ रश्मियों को समेट कर ,

आँखों की चमक को बढ़ा लो दोस्तों  || 

 

बीते कल को भूल कर ,

आगे आने वाले कल में कदम रख लो दोस्तों  ,

बीत गया सो बीत गया , 

आगे की चिंता भी मत करो दोस्तों  ,

भूत ,भविष्य दोनों अपने हाथ में नहीं  ,

सिर्फ आज है , उसमें तो मुस्कुरा लो दोस्तों   || 

 

Wednesday, February 18, 2026

KRODH ( KSHANIKAA )

 

                              क्रोध 

 

बहुत से भावों में ,  एक भाव है क्रोध  ,

 उसे दूर ही रहने दो यारों  , पास ना लाओ  ,

दिल - दिमाग में प्यार को बसा लो  ,

 ना बसाओ क्रोध  ,अगर क्रोध को बसाओगे तो  , 

मंजिल के रास्ते में आएगा क्रोध  यारों    || 

 

कभी - कभी सभी को , किसी बात पर आता है क्रोध ,

उस समय मौन व्रत रख लो दोस्तों  , 

मत बताओ अपने राज , कोई निर्णय ना लो  ,

उस समय दोस्तों  , हो सके तो संगीत सुनो , 

प्यार के गीत गुनगुनाओ यारों    || 

 

संगीत एक सुंदर और प्यारा रास्ता है  ,

जो क्रोध को खत्म कर सकता है दोस्तों  ,

क्रोध खत्म हुआ तो ,दिल शांत होगा  ,

और दिल में उगेंगे  , प्यार  के नगमें  ,

होठों पर उभरेंगी  , मनमोहक मुस्कान दोस्तों    || 

 

Tuesday, February 17, 2026

PYAAR KAA SAAGAR ( KSHANIKAA )

 

                          प्यार का सागर 

 

हौसलों को पकड़ कर रखो दोस्तों  ,

यही तो जीवन भर साथ निभाएँगे  ,

भाग्य के सहारे , बैठे ना रहना दोस्तों  , 

तुम हाथ मलते ही रह जाओगे   || 

 

मेहनत ही तुम्हारा हथियार है दोस्तों  ,

उसी को अपनी ताकत बना लो दोस्तों  ,

तभी तुम अपना जीवन संवार  पाओगे   ,

और अपने जीवन में मुस्कानें भर पाओगे    || 

 

मुस्कानें तुम्हारे जीवन में , उजाला कर देंगी  ,

तुम्हारे दिल  की चाहतों  को बढ़ा देंगी  ,

तभी तो तुम प्यार को समझ पाओगे  ,

और प्यार के सागर में डूब जाओगे   || 

 

Monday, February 16, 2026

JIVAN APNAA HAI ( KSHANIKAA )

 

                                 जीवन अपना है 

 

सारी मुस्कानें बाँट ना देना दोस्तों , कुछ देना अपने दिल को ,

प्यार भी सारा बाँट ना देना दोस्तों , कुछ देना अपने दिल को  ,

ये बँटवारा जरूरी है दोस्तों  , अपना हिस्सा भी रख लो  ,

नहीं तो अपना खजाना  , खाली रह जाएगा दोस्तों   || 

 

सब कुछ बाँटोगे तो कोई भी  , नहीं आएगा देने  ,

नैया जो डूबेगी तुम्हारी  , कोई नहीं आएगा खेने  ,

कैसे तुम पाओगे अपने  , जीवन की मंजिल   ?? 

 

जीवन अपना सुखी बना लो  , प्यार के बोलों से  ,

जीवन अपना रंगीन बना लो  ,मुस्कानों के फूलों से  ,

 जीवन  का  आकाश सजा लो  , इंद्रधनुष के रंगों से  ,

ये जीवन अपना है दोस्तों  , ये जीवन अपना है दोस्तों    || 

 

Sunday, February 15, 2026

BESHUMAAR ( KSHANIKAA )

 

                                    बेशुमार 

 

मैं हूँ धरा तुम्हारी  , तुम हो मेरा आसमां  ,

बहुत खूबसूरत है दोस्तों  , हमारा ये जहां  ,

प्यार ही पलता  है दोस्तों  , बेशुमार यहां  ||  

 

मुस्कानें खिलती हैं , हर ओर दोस्तों  ,

जिंदगी मिलती है  , हर ओर दोस्तों  ,

सभी कुछ पा लो दोस्तों  , बेशुमार यहां   ||

 

रंग बिखरे हैं इस , धरा पर दोस्तों  ,

फूल निखरे हैं चमन में , खूब दोस्तों  ,

रंगों से इंद्रधनुष सजा  लो , साथ में आसमां   || 

 

तुम जो मुस्काओगे दोस्तों  ,

समां  भी  तो खिलखिलाएगा दोस्तों  ,

उन्हीं से झिलमिलाएगा  , सारा ये जहां   || 

 

 

 

Saturday, February 14, 2026

HALAAHAL ( AADHYAATMIK )

 

                             हलाहल 

 

शिव ने जब पिया हलाहल , धरा को बचाया उससे ,

अपने कंठ में ही रोक लिया ,धरा को बचाया उससे , 

धरावासियों  ने उनको पुकारा , नीलकंठ के नाम से   || 

 

बचा लिया शिवशंकर ने , धरा को एक विनाश से ,

मगर जब भगीरथ गए , और प्रार्थना की गंगा से  ,

जब गंगा राजी हुईं तब ,शिव ने ही अपनी जटाओं में  ,

समाया गंगा की लहरों को , और बचाया गंगा  बहाव से  || 

 

ऐसे ही शिवशंकर को ,हमारा प्रणाम है ,

उन्हीं को हम शीश नवाते हैं , नमन करते हैं  ,

जय -जय , जय - जय , हे शिवशंकर  ,

दो आशीष  हमें , दो आशीष हमें   || 

 

Friday, February 13, 2026

DEEVANAAPAN ( KSHANIKAA )

 

                              दीवानापन  

 

प्यार के नाम  एक पैगाम  ---- 

 

ये दीवानापन मेरा , वो दीवानापन  तेरा ,

जिंदगी मानो दीवानी हो गई , प्यार की शुरुआत भी हो गई ,

सारा जहां सुंदर सा लगने लगा ,

सारा चमन फूलों से सजने लगा , चहुँ ओर महक भी छा गई  || 

 

ऐसे में हमारा दिल , दीवाना हो गया 

प्यार के धागों से सजकर ,दिल खो गया ,

तुम और मैं दोनों ही तो ,प्यारे से जहां में खो गए ,

इस दीवानेपन से राहों को भी , सुगमता मिल गई  || 

 

प्यार के दरिया में , गोते हम खाते हुए ,

पार करने लगे उस प्यार के ,गहरे दरिया को  ,

दिल भी डूबा हमारा , हम भी डूबे दरिया में ,

और फिर हमको मंजिल मिल गई  , मिल गई   || 

 

Thursday, February 12, 2026

MUSKURAAEGAA ( KSHANIKAA )

 

                                   मुस्कुराएगा 

 

आज आईना  बोला , क्यों फिक्र करती हो तुम  ?

सारे काम तो सिर्फ , मुस्कानों के लिए करती हो  तुम  ,

तो उन्हीं कामों के बदले , मुस्कानें ही तो कमाईं  तुमने  ,

उन्हीं में डूब जाओ तुम , उन्हीं में खिल उठो तुम  || 

 

रुको मत ,मुस्कुराती रहो , और कुछ बाँट भी दो ,

तभी तो सच्ची सी मुस्कानें , तुम्हारे होठों पे आएँगी  ,

खिला लो सच्ची मुस्कानें , होठों पे सजा  लो तुम  || 

 

सभी के मुस्कुराने में , मुस्कुराओगी तुम  ,

सभी के खिलखिलाने में  , खिलखिलाओगी तुम  ,

ये जग भी तो सारा  , मुस्कानों से ही  ,

मुस्कुराएगा , मुस्कुराएगा  , मुस्कुराएगा    ||   

Wednesday, February 11, 2026

KIIMAT RISHTON KII ( JIVAN )

 

                            कीमत रिश्तों की 

 

कोई भी रिश्ता तभी सुंदर रहता है  ,

जब दोनों ओर से उसे निभाया जाए  ,

दोस्तों जब  कोई आपसे , रिश्ता ना निभाए  ,

तो तुम भी उसको  , छोड़कर दूर हट जाओ  दोस्तों  ||  

 

कीमत रिश्ते की क्या है  ? 

एक मुस्कान , एक विश्वास  ,

अगर सामने वाला , ये  कीमत ना चुकाए  ,

तो तुम भी उसको  , छोड़कर दूर  जाओ  दोस्तों  || 

 

कोई भी रिश्ता , बन जाता है जल्दी से  ,

मगर वह रिश्ता जीवन  , पाता है धैर्य रखने से  ,

आपस में सहनशीलता हो  , तभी रिश्ता जिएगा  ,

अगर सामने वाले में  , यह गुण नहीं है  ,

तो तुम भी उसको छोड़कर  , दूर चले जाओ  दोस्तों  ||  

Tuesday, February 10, 2026

KYAA KAHOGEY - ? ( KSHANIKAA )

 

                            क्या कहोगे   -  ? 

 

पाने से कोई घबराता नहीं  , सब कुछ ही वो चाहता है  ,

देने से सब घबराते हैं  , देना वो नहीं चाहता है  ,

ऐसे इंसान को आप  , क्या कहोगे दोस्तों   ??

 

समेटना जिसकी आदत हो  , लेना जिसकी फितरत हो  ,

दूसरे के दर्द का जिसे  , अहसास तक ना हो  ,

ऐसे इंसान को आप  , क्या दोगे दोस्तों   ?? 

 

दिल में जिसके प्यार का  , फूल ना खिला हो  ,

दिल में जिसके प्यार की  , महक ना भरी हो  ,

ऐसे इंसान के साथ  , क्या आप चलोगे दोस्तों   ?? 

 

Monday, February 9, 2026

DOSTII - JIVAN ( KSHANIKAA )

 

                           दोस्ती - जीवन 

 

बहुत से लोग मिलते जीवन में  , सभी अलग - अलग होते  ,

कुछ के होने से होता जीवन , बढ़ता जीवन आगे - आगे   || 

 

कुछ तो जीवन दे जाते हैं  , हँस - हँस कर के  ,

कुछ खुद ही जीवन होते  , जीवंत सभी को  करते  || 

 

ऐसे ही दोस्त , मिल जाएँ किसी  को  ,

तो उस का  जीवन  ,सुखमय बन जाए   || 

 

जीवन का दूजा नाम दोस्ती  ,

दोस्त  का दूजा नाम  है जीवन  ,

दोनों आपस में मिल जाएँ  तो ,

जीवन जगमग हो जाए  दोस्तों   || 

 

Sunday, February 8, 2026

KHILAA MAN ( KSHANIKAA )

 

                          खिला मन  

 

शब्द मिलें शब्दों से , तो गीत बन जाता है  ,

सुर मिलें सुरों से , तो संगीत बन जाता है  ,

गीत और संगीत के मिलने से  , राग बन जाता है  ,

जो दिल में बस जाता है , मुस्कान बन जाता है   || 

 

मुस्कान उतरे होठों पर , तो चेहरा भी सज जाता है  ,

चेहरे के सजते ही , आँखों में चमक आती है  ,

उसी चमक से तो , ये दुनिया चमक जाती है   || 

 

दुनिया के चमकने से ही  ,मन भी खिल उठता है  ,

तभी तो चमन के फूल भी खिल जाते हैं  ,

फूलों के खिलने से , पूरा चमन महक उठता है  ,

हर चमन की खुश्बुओं  से , ये जग महक उठता है   ||  

 

Saturday, February 7, 2026

MUSKURAAHATEN ( KSHANIKAA )

 

                            मुस्कुराहटें 

 

अपनी मुस्कुराहटों में से  ,  कुछ मुस्कुराहटें ,

दूसरों में बाँट कर  , उनकी मुस्कानें सजा दो  ,

जग में सभी की मुस्कानें  , खिलखिलाएँगी   || 

 

फूल बाँटने वालों के हाथों में  ,

फूलों की महक बस जाती है   ,

ऐसे ही मुस्कानें बाँटने वालों के  ,

चेहरे पर मुस्कानें जगमगाएँगी   || 

 

इस जीवन  में आपने , कितनी मुस्कानें बाँटी  ?

कान्हा जी सब देख रहे हैं  ,

उसी का फल तो कान्हा जी  ,

आपको भरपूर देंगे दोस्तों   ||  

 

Friday, February 6, 2026

EK - DOOJE SE ( CHANDRAMAA )

 

                              एक - दूजे से  

 

चलती हुई पवन है , शांत और शीतल  ,

यही पवन तो  , उड़ा ले जाएगी हमें  ,

ले चल पवन हमें ऊपर , गगन के प्रांगण में ,

जहाँ चाँद रहता है  , हम चाहते हैं पवन  ,

हम वहाँ जाएँ  , चाँद से दो बातें कर आएँ    || 

 

मेरी पवन , प्यारी पवन ,तेरा बहुत उपकार होगा  ,

जो हमें उड़ाएगी ,बहुत दूर  ले  जाएगी   ,

आजा - आजा ले चल ,हमें अपने साथ  ,

अपने पंखों के सहारे  ,  ले  चल  हमें उड़ाकर  || 

 

चाँद भी तो अकेला है , गगना के प्रांगण में  ,

उसे भी दोस्त मिल जाएँगे  , हमारे वहाँ जाने से  ,

तुम्हारा साथ भी होगा पवन  , सभी दोस्त मिल कर  ,

मुस्कानें बाँटेंगे , एक - दूजे से  ,एक - दूजे से  || 

 

Thursday, February 5, 2026

BECHAIN ( AADHYAATMIK )

 

                              बेचैन 

 

ऊपर आसमान में रहने वाले से ,

दुनिया बनाने वाले से , पूछा एक दिन  ,

जवाब मिला हमें ---- क्यों तू है सुनती ,सारी बातें जहां की ? 

दो कान दिए हैं मैंने , एक से सुन , दूसरे से  निकाल  ,

सारे जहां की बातें , दिल में तू मत रख  ||  

 

जो तुझे नहीं समझते अपना , तू भी ना समझ उन्हें अपना  ,

जो प्यार ना करें तुझे  ,तू भी ना डूब प्यार में उनके लिए  ,

छोड़ उनका हाथ और दूर तू निकल   || 

 

संसार में रंगों का खजाना है , तू भी कुछ चुन  ,

इंद्रधनुष बना कर , आँखों में  तू बसा ले  ,

अपना जहां सजा ले  ,अपना जहां सजा ले   || 

 

और जीवन अपना , मुस्कानों में डुबा ले  ,

राहें सुंदर कर ले  , उन पर कदम बढ़ा ले  ,

अपनी मंजिल पा ले , जीवन नया बना ले   || 

  

Wednesday, February 4, 2026

NASHEELII BARAKHAA ( JALAD AA )

 

                             नशीली बरखा 

 

जिंदगी आज भीग गई बरखा में ,

ये बरखा कैसे छिपी थी , बरखा के आँचल में  ?

बरस गई रिमझिम बन के , आज मेरे आँगन  में  ,

उसी ने भिगो दिया मेरा आँचल   || 

 

इसी रिमझिम सी बरखा ने , हमें नशे में डूबा दिया ,

चलो इसी रिमझिम को , भर लें  बोतल में  ,

जब ये बरखा बंद हो जाएगी  ,

तो उसी पानी से फिर , नशे में डूब जाएँगे   || 

 

दोस्तों क्या ऐसा नशा भी होता है  ,

जिसमें बरखा की रिमझिम डुबाती है  ,

ख्वाबों की सुंदर नगरी में वो , 

रिमझिम ही लेकर जाती है  ||  

 

ये नशा तो ना किसी शराब  है  ,

और ना ही किसी अन्य चीज में है  ,

ये तो सिर्फ बरखा की रिमझिम में है  ,

जो बरस रही है , बदरा के आँचल से  || 

 

Tuesday, February 3, 2026

KARM ( KSHANIKAA )

 

                                       कर्म 

 

घर के पते कितने भी , बदल लो यारों   ?

 छिपने की कोशिश , कितनी भी कर लो यारों  ?

कर्मों को तुम्हारा , हर ठिकाना मिल ही जाएगा  || 

 

आपके कर्मों की गंध , तेजी से फैल जाती है  ,

उसी गंध का छोर पकड़ कर  , कर्म पहुँच जाते हैं  ,

तो कर्मों को सुंदर राह पर ही ,ले जाओ यारों  || 

 

परिणाम भी कर्मों के तरीके  , पर ही मिलेंगे  ,

उसी के अनुसार ही , फूल भी खिलेंगे  ,

और उन्हीं फूलों की महक से  ,राहें महकेंगी   || 

 

Monday, February 2, 2026

ULAAHANAA ( RATNAAKAR )

 

                            उलाहना 

 

नदिया  की धार दौड़ चल  , पहुँच जा सागर - तट पर ,

तेरा मीठा पानी लेकर भी , सागर है खारा  ,

ना जाने वो कहाँ से पाता  ? 

नमक की बड़ी सी गठरी नदिया  ,

तेरे मीठे पानी को भी  , बना देता है खारा   || 

 

चल - चल - चल , मैं साथ में दौडूँ  ,

तेरे साथ - साथ मैं भी  , सागर - तट पर पहुँचू  ,

उसकी लहरों के साथ - साथ ही  ,

मैं भी उछलूँ  - कूदूँ   || 

 

सागर सदा बुलाता रहता ,मैं ही ना जा पाती  ,

उसकी चंचल - चंचल लहरें , सदा ही मुझे बुलातीं  ,

आज तो मौका आया नदिया , तेरे संग हूँ जाती  ,

सागर ने भी प्यार से , दिया एक उलाहना  ,

आज ही दूर भगाती  , उससे मैं मिल आती   || 

 

Sunday, February 1, 2026

TAAL PAR ( JIVAN )

 

                                   ताल पर 

जीवन की साँसों की डोर को , पकड़ लो  , 

दिल की धड़कन की ताल को , बढ़ा लो  ,

होठों पर सुंदर सी मुस्कान को  , सजा लो   || 

 

जिंदगी के आसमान को इंद्रधनुष से , सजा लो  ,

चमन में खिले फूलों  की खुश्बु से  , महका लो  ,

तितलियों से चमन को रंगों से  , भर लो   || 

 

होठों पर सुंदर से , मीठे से गीतों को , सजा लो  ,

उन गीतों को ,लय की चाशनी में डुबाकर , झनका लो  ,

 उन्हीं गीतों की ताल पर पैरों को  , थिरका लो  || 

 

Saturday, January 31, 2026

BINAA PANKH ( PAVAN )

 

                       बिना पंख   

 

हुई है दीवानी , ये पवना सखि  ,

संग ले उड़ी , मेरा अंचरा सखि  || 

 

कोई ना रंग है , इसका सखि ,

देती ये पूरा , अहसास है सखि  ,

पकड़ में कभी ये , ना आती सखि  || 

 

बिना पंखों के ही , ये उड़ती सखि ,

सब को ये देती , शीतलता सखि  ,

प्यार हम इसको ,करते हैं सखि   || 

 

कीमत ना जाने कोई  , इसकी सखि  ,

साँसों से देती , ये जीवन सखि  ,

साँसें तो सब की  , अनमोल हैं सखि   ||  

 

Friday, January 30, 2026

KARM - FAL ( JIVAN )

 

                           कर्म - फल 

 

धरती और गगन के बीच में  ,प्यार सभी का पले  ,

हर जीव - जंतु इन्हीं दोनों के , बीच में ही पले  ,

सारी सुविधा सभी को इन्हीं के  , बीच में मिले   || 

 

कुछ जीव तो सुंदर कर्म करें , और जीवन चले  ,

उनके सुकर्मों से उनका  जीवन , सुंदर राह चले  ,

जो यह बात ना समझे , उनका जीवन उखड़ चले   || 

 

तो जानो और समझो दोस्तों  , क्या चाहते हो तुम   ?

कैसा जीवन - यापन ,करना चाहो तुम  ?

कर्मों के अनुसार ही तो , सब को फल मिले  ,

तो सुंदर कर्म कर लो तुम  , कर लो सुंदर कर्म तुम   || 

 

Thursday, January 29, 2026

KAHAANII RISHTON KII ( KSHANIKAA )

 

                        कहानी  रिश्तों की 

 

सब जगह की रीत अलग , हर समय की रीत अलग ,

समय पुराना था , बड़े - बड़े परिवार थे ,

 मिल- जुल कर रहते थे , आज समय बदला हुआ है ,

परिवार बहुत छोटे हो गए  ,

मिलना - जुलना खत्म हो गया , सिर्फ एकल परिवार  || 

 

ना रिश्ते ना नाते हैं , ना ही पास - पड़ोसी हैं  ,

कौन मिलेगा  ? कौन चलेगा  ? साथ में सब राहों में  ,

कौन समझेगा  ? एक - दूजे की व्यथा  ,

कौन खुशी में जुड़ जाएगा  ?? 

 

तो समझ - बूझ से ले लो काम  , " एकला चलो रे  ",

इस गीत को मत अपनाओ , 

मिल - जुल कर , उस पुराने समय को अपना लो ,

दिल से दिल मिला लो ,रिश्तों को अपना लो   || 

 

Wednesday, January 28, 2026

NEMATEN ( AADHYAATMIK )

 

                                     नेमतें 

 

एक मुस्कान को , बहुतों में बाँट दे बंदे  ,

तभी तो तुम्हें , खिलखिलाहटें मिलेंगी बंदे  ,

ईश्वर से मिले इस उपहार का , सम्मान कर बंदे  || 

 

ईश्वर ने दिया जीवन , सभी नेमतें बख्शीं  ,

तेरे जीवन के रास्ते में  , फूलों की महक बख्शी ,

उसी जीवन में शुभ कर्म , करता चल बंदे  || 

 

तभी तो जीवन भर तू  , सारे सुख पाएगा  ,

उसी का नाम लेकर तू  , सारा जीवन बिताएगा  ,

उसी का तो तू खूब ही  , सम्मान कर बंदे   || 

 

Tuesday, January 27, 2026

BASERAA ( JIVAN )

                        

                                  बसेरा 

 

धड़कनों का बसेरा  , बस गया है दिल में ,

इसी के साथ साँसों की माला , पिर गईं हैं दिल में ,

छोटा सा मुट्ठी भर का दिल , सब कुछ संभालता है  ||  

 

  पूरे शरीर का  दारोमदार है  , दिल की धड़कनों पर  ,

धड़कनें और साँसें  चलती रहीं , दिल के चलने पर  ,

और दिल के चलने से ही दोस्तों  , जीवन चलता रहा   || 

 

तो दिल का ध्यान रखना , जरूरी है दोस्तों ,

दिल पर बोझ ना डालो दोस्तों  ,इसे संभाल कर रखो ,

दिल हल्का रहेगा , तो स्वस्थ रहेगा  ,

साथ ही जीवन भी , चलता रहेगा दोस्तों   || 

  

Monday, January 26, 2026

AAINAA ( KSHANIKAA )

 

                         आईना 

 

आज यारों आईने ने बात की हमसे  ,

बोला  -- " क्या हाल है  ?"

" जिंदगी कैसी चल रही है  ?"

मैंने कहा  -- " अच्छी चल रही है  || "

 

वह बोला  -- " फिर आँखों की चमक कहाँ गई  ?

आँखों का काजल कहाँ गया  ?

होठों की मुस्कान कहाँ खो गई  ?

वापिस   बुलाओ तीनों को  , चेहरा सजा लो   || "

 

वह फिर बोला -- " कहाँ गए हाथों के कंगन  ?

जब तक कंगना नहीं खड़केंगे ,

तेरा दिल  नहीं धड़केगा  ,

तो दिल की धड़कन के लिए ,

पहन ले तू अपने कंगना  || " 

 

उसका कहना माना , वही किया जो उसने कहा  ,

यारों आईना खुश हो गया  ,

और बोला  --  " अब हुई ना कोई बात  ,

अब मेरी दोस्त लगती हो , सुंदर लगती हो  ,

अब आगे भी ऐसी ही  रहना  , ऐसी ही रहना   || " 

 

MERAA TIRANGAA ( DESH )

 

                               मेरा तिरंगा 

 

लहर - लहर लहराये रे , मेरा तिरंगा ,

ऊँचे गगना पे छाये रे  , मेरा तिरंगा  ,

मेरा तिरंगा ,मेरा तिरंगा , मेरा तिरंगा रे  || 

 

सीमा पर जब संकट आया , वीरों ने खत्म कराया ,

वीरों ने तिरंगा लहराया , वीरों की ये शान बढ़ाये रे  ,

मेरा तिरंगा ,मेरा तिरंगा , मेरा तिरंगा रे   || 

 

वीरों ने जान गँवा कर , देश को चैन दिलाया है ,

उन वीरों की ये जान है  , 

मेरा तिरंगा , मेरा तिरंगा , मेरा तिरंगा रे   || 

 

देश  बेटों और बेटियों ने , खेलों में नाम कमाया है ,

मेहनत और शौर्य से , विश्व कप भी कमाया है  ,

उनके शौर्य ने जग में , ऊँचा स्थान बनाये रे  ,

ऊँचे गगना पे छाये रे , मेरा तिरंगा , मेरा तिरंगा रे   || 

  

Saturday, January 24, 2026

KHELON MEIN SAMAY ( JIVAN )

 

                        खेलों का समय 

 

 हमारा बचपन आज भी , हमारे दिल में पलता है यारों ,

वो हमारे दोस्त , उनके कहकहे , उछलना - कूदना  ,

दौड़ लगाकर सबसे आगे , निकलने का उछाह ,

आज भी दिल को  , धड़कनें देता है यारों   || 

 

छुपन - छुपाई खेलते हुए  , सब छिप जाते ,

पर शैतानी में हम तो , डैन होने पर , आराम से घर जाते ,

सभी दोस्त काफी देर तक , छिपने के बाद हमें ढूँढते ,

और मिलने के बाद  , खूब ठहाके लगाते यारों   || 

 

जीवन मस्त था , खुशियों में डूबा था  ,

वही तो सच्चा जीवन था , सुंदर जीवन था  ,

आज वैसा जीवन तो नहीं  , मगर मुस्कानों में डूबा है  ,

यही आज  का  जीवन है  ,  जो सुंदर और मनमोहक है   || 

 

Friday, January 23, 2026

MAA ( KSHANIKAA )

 

                                     माँ 

 

माँ ने दिए बरसों - बरस , अपने बच्चों को बड़ा किया  ,

उन्हीं बच्चों ने उसी माँ को  , अपने से अलग किया ,

दूर किया , बच्चों को चाहिए थी , अपनी आजादी , आजादी  || 

 

फिर पूछा माँ से , पैसा ले लो , सामान ले लो ,

माँ ने हँस कर कहा , देना है तो मेरे वक्त को लौटा दो ,

बच्चों  ने देखा  , एक - दूजे को , वो लाजवाब थे  ,

गुजरे वक्त को लौटा , तो नहीं सकते थे  || 

 

दोस्तों यही दुनिया का दस्तूर है  ,

जिंदगी माँ की दर्द से चूर है  , मगर माँ गर्व से चूर है ,

 जिंदगी अपने ढंग से बिताएगी , 

हाथ ना फैलाया कभी , किसी के आगे , 

आगे भी ऐसा ही रहेगा , ऐसा ही रहेगा   ||  

 

Thursday, January 22, 2026

HEY MAAN SHAARDEY ( AADHYAATMIK )

 

                       हे माँ शारदे 

 

 आप सब को  वसंत पंचमी की  हार्दिक शुभकामनाएँ  ,

 

माँ शारदे कल्याण करो  , मेरी लेखनी में शब्द भर दो  ,

आशीष दो माँ आशीष दो  , मुझे और मेरी लेखनी को  || 

 

तुम हो ज्ञान की देवी , मुझको भी ज्ञान का दान दो  ,

ऐसा ज्ञान मुझको दो , मैं सही राह चुनूँ   || 

 

अपनी वीणा की झंकार से  , हमारे जीवन में संगीत भर दो ,

ये संगीत हमारे जीवन में  , खुशी और मुस्कान भरेगा   || 

 

तो जीवन खुशियों से भर जाएगा  , सही राह चलेगा  ,

मेरे लेखन में प्राण भर दो  , प्राण भर दो   || 

 

Wednesday, January 21, 2026

JIVAN MEIN ( AADHYAATMIK )

 

                          जीवन में 

 

जो मिला है जीवन में , उसी में संतोष कर प्यारे  ,

संतोष कर प्यारे , होठों पे मुस्कान धर  प्यारे  ,

ऐसा जो करेगा , सुखी जीवन जिएगा  ,

तो अपना सुखी जीवन  , तू भी यापन कर प्यारे   || 

 

रचनाकार ने जो जीवन दिया तुझे  , अहसान मान प्यारे  ,

सारी सुविधा दी उसने , जीवन सुंदर बना दिया  ,

तो शुक्रिया अदा करने के लिए  , दोनों हाथ जोड़ प्यारे   || 

 

ये सारी दुनिया सुंदरता से भरकर , तुझे दी प्यारे  ,

इस दुनिया की सुंदरता को तू , आँचल में भर प्यारे  ,

और आगे बढ़ कर  , अपनी मंजिल को पा ले प्यारे  ,

शीश झुका कर रचनाकार का , शुक्रिया कर प्यारे   || 

 

Tuesday, January 20, 2026

ARTH - ANARTH ( SAAMAJIK )

 

                            अर्थ - अनर्थ 

 

सुने - अनसुने से शब्द  , हमारे दिल में समा जाते हैं  ,

  कभी - कभी वही शब्द ,  बाहर भी निकल आते हैं ,

कोई उन शब्दों को , पसंद करता है , कोई नहीं     || 

 

हर शब्द के कुछ , अर्थ होते हैं दोस्तों  ,

कुछ सुंदर अर्थ और , कुछ असुंदर अर्थ  ,

हर कोई अपने अनुसार ही , अर्थ मान लेता है   || 

 

अर्थ का अनर्थ  , बना लेता है कोई  ,

दूसरे   की इज्जत की अर्थी  , निकाल देता है कोई  ,

दूसरे की इज्जत धुंआ - धुंआ  , करना एक पाप है  ,

और जो पाप करता है  , वह पापी कहलाता है दोस्तों   || 

 

Monday, January 19, 2026

KAUN DEGAA JAVAAB ? ( KSHANIKAA )

 

                             कौन  देगा जवाब  ?  

 

हरी - भरी वसुंधरा को , किसने बनाया  ?

बर्फ की पर्तों से हिमालय को  , किसने सजाया  ?

नीले - नीले गगना को चाँद - तारों से , किसने  झिलमिलाया  ?? 

 

चमन को फूलों की खुश्बुओं से , किसने महकाया  ?

चमन में रंगीन तितलियों को  , किसने फर - फर उड़ाया  ?

चमन में तितलियों के पीछे बच्चों को  , किसने दौड़ाया   ?? 

 

धरा पर सागर और उसकी लहरों को ,किसने लहराया  ?

गगना पर कारे - कारे बदरा को  , किसने उड़ाया  ?

बदरा से बरखा रानी को , किसने बरसाया   ?? 

 

इन सारे प्रश्नों को हमारी लेखनी से , किसने पुछवाया   ?

अब कौन जवाब देगा  ?  कौन देगा जवाब   ?? 

 

 

Sunday, January 18, 2026

UDATII RAAHEN ( KSHANIKAA )

 

                         उड़ती राहें 

 

हमने समझा जीवन की राहें  , सीधी हैं दोस्तों  ,

मगर हर दस कदम के बाद , राहें मुड़ती चली गईं  ,

ना जाने किस - किस अवरोध पर  , राहें उड़ती चली गईं  || 

 

उन राहों पर चलने के लिए  ,हमें तो दौड़ना पड़ा  ,

हर आने वाले मोड़ पर , हमें मुड़ना पड़ा  ,

हर आने वाले अवरोध पर  ,हमें भी उड़ना पड़ा  दोस्तों   || 

 

हर कदम पर हमने  , कितना दर्द सहा   ?

वह दर्द जो बरसों , हमारी रग - रग में बहा  ,

उस दर्द ने कोशिश तो बहुत की , हमारे हौसले तोड़ने की ,

मगर हम तो अटूट हौसलों के , खजाने रखते हैं  ,

तो कोई भी और कुछ भी , हमें कैसे तोड़ेगा   ?? 

 

हम तो मुस्कानों के साथ , हर राह पर  ,

चलेंगे ही नहीं दौड़ेंगे भी  दोस्तों  ,

जरूरत पड़ने पर , हम तो राहों में उड़ेंगे दोस्तों   || 

 

 

Saturday, January 17, 2026

JALJALEY ( KSHANIKAA )

 

                          जलजले 

 

जलजले आते हैं , जब दुनिया में  ,

धरा सारी हिल जाती है , सभी घबराते हैं  ,

 सभी  डरते हैं  , दुनिया  के  जलजले  से  ,

मगर ये जलजले ,

कहाँ से आते हैं  ?  और क्यों आते हैं   ??

 

ये मानव के कर्मों का ही ,

असर हैं  , ये जलजले  ,

मानव ने प्रकृति को , गर्त में डुबोया है  ,

तभी तो ये  जलजले आते हैं  ,

 मानव से बदला लेते हैं  ||  

 

 मानव के दिल में भी तो ,जलजले आते हैं ,

ये भी उसके अपने ,कर्मों का ही फल है  ,

जो कुछ मानव  ने , अपनों के साथ किया  ,

उन्हें कष्ट दिया  , शारीरिक और मानसिक  || 

 

 फिर एक समय ऐसा आता है  ,

जब  मानव  के  अपने  दिल  में  ,

जलजलों का समंदर फट पड़ता है  ,

और उसे तड़पाता है , उसे तड़पाता  है   ||  

 

Friday, January 16, 2026

DALDAL ( SAAMAAJIK )

 

                          दलदल 

 

झूठों की महफिल में  , सत्य जो बोला हमने  ,

बड़े से झूठ का  , पर्दाफाश भी किया हमने  ,

मगर सभी झूठों की आवाज में  ,

दब गई सत्य की आवाज दोस्तों   || 

 

कौन उन झूठों को , सबक सिखाएगा दोस्तों  ?

कौन झूठों के झूठ को , मिटाएगा दोस्तों   ?

चलो एक तरीका आजमाते  हैं  दोस्तों  ,

और उनके झूठ को पकड़ते हैं  दोस्तों   ||  

 

उन झूठों को झूठ के , दलदल में ही फंस जाने दो ,

वह दलदल ही उनके , झूठ को खत्म कर देगा  ,

और सत्य सितारे के समान  , चमक जाएगा दोस्तों   || 

 

Thursday, January 15, 2026

KAHAAN HO ? ( KASHANIKAA )

 

                           कहाँ हो  ? 

 

आवाज दे के हमें तुम बताओ  , कहाँ हो दोस्तों  ?

हमें तुम अपना पता तो बताओ  , कहाँ हो दोस्तों  ??

 

दूर हम हो गए थे  , बरसों - बरस पहले  ,

आवाजें भी खो गईं थीं  , एक -  दूसरे की पहले , 

अब अपनी पुकार तो लगाओ  , कहाँ हो दोस्तों  ?? 

 

बातों का खजाना  ,  बढ़ता  रहा है अब तो  ,

खाली कुछ करो तो  , मिल के बातें करो तो  ,

थोड़ा   खजाना तो खाली कराओ  , कहाँ हो दोस्तों   ?? 

 

Wednesday, January 14, 2026

TOL - MOL KAR ( KSHANIKAA )

 

                            तोल - मोल कर 

 

जुबान से निकले शब्द ही , रिश्ते जोड़ते हैं दोस्तों  ,

जुबान से निकले शब्द ही , रिश्ते तोड़ते हैं दोस्तों  ,

द्रौपदी स्वयंवर के समय , द्रौपदी के कहे शब्द  ,

कर्ण के लिए ," सूत पुत्र से शादी नहीं करूँगी  ",

कर्ण के दिल को ,टुकड़े - टुकड़े कर दिया   || 

 

इंद्रप्रस्थ में युधिष्ठिर के , राज्याभिषेक के समय  ,

दुर्योधन के पानी में गिरने पर , द्रौपदी का व्यंग्य ,

" अंधे का पुत्र अंधा  ", ने महाभारत की नींव रखी  ,

बिना सोचे बोले  गए शब्द , जब युद्ध की नींव रखते हैं  ,

तो रिश्ते क्या चीज हैं  ?  वो तो टूट ही जाते हैं   || 

 

तो दोस्तों सोच - समझ कर बोलो ,

तोल - मोल कर बोलो  ,

यही जीवन है  , इसे सुंदर बना लो  ,

यही जीवन है  , इसे सुगम बना लो   ||  

Tuesday, January 13, 2026

KHUSHIYON KII CHAABII ( KSHANIKAA )

 

                           खुशियों की चाबी  

 

अपनी खुशियों को दिल में बसा कर  , ताला बंद कर लो , 

किसी दूसरे को वह चाबी मत देना यारों , अपने पास रखो ,

चाबी किसी को भी दी , तो खुशियाँ खो जाएँगी यारों   || 

 

चाबी अपने पास ऐसे रखो , कि कोई चुरा ना पाए ,

आपकी खुशियों  खजाना , खो ना जाए ,

यह कदम उठाना आपके लिए , जरूरी है यारों  || 

 

जिंदगी को खुशियों में , डुबाओगे यारों  ,

तभी तो होठों पर मुस्कानें , सजा पाओगे यारों  ,

मुस्कानें सजेंगी तभी तो , आप खिलखिलाओगे यारों   || 

 

Monday, January 12, 2026

CHARANON MEIN ( AADHYAATMIK )

 

                              चरणों में 

 

जिंदगी में हर किसी ने , सताया जो दोस्तों  ,

तो आँसुओं का सैलाब , उमड़ आया दोस्तों  ,

दिल के हौसलों ने , उम्मीदों को जगाया दोस्तों ,

तभी तो आँसू का एक , कतरा भी नहीं बहाया दोस्तों  || 

 

माँ शारदे ने लेखनी को , हमारे हाथ में थमाया है दोस्तों ,

शब्दों का भंडार हमारे , अंदर बसाया है दोस्तों  ,

हमने उन्हीं शब्दों का उपयोग करके  ,

अपने लेखन को सजाया है दोस्तों   || 

 

माँ शारदे ने हम पर , आशीष बरसाया है  ,

उसे हमने अपना , आँचल फैला कर  अपनाया है ,

तभी तो हमने शारदे माँ के ,

चरणों में ही यह ,  स्थान पाया है दोस्तों   || 

 

Sunday, January 11, 2026

RAAH AASAAN BANAA LO ( KSHANIKAA )

 

                         राह आसान बना लो 

 

अपनी जिंदगी के कोरे कागज पर ,

अपने आप अपने कर्मों को लिखो दोस्तों ,

सुकर्म करते जाओ  और उसे , 

कागज पर लिखते जाओ   || 

 

अच्छे कर्म करेंगे , तभी तो ईश्वर भी  ,

हमें अपना आशीर्वाद प्रदान करेंगे  ,

और हमारी आगे की राह को सुगम बनाएँगे  ,

अपना प्यार हम पर बरसाएँगे   || 

 

जिंदगी की राह सुगम होगी ,  चलना आसान होगा ,

हम आराम से चलते जाएँगे ,और उसे पार कर जाएँगे ,

सुकर्मों से अपने जीवन को ,आसान बना लेंगे ,

तो राह आसान बना लो , राह आसान बना लो  || 

 

DIL KII BAATEN ( KSHANIKAA )

 

                              दिल की बातें 

 

सुनो अपने दिल की आवाज , सुंदर , प्यारी आवाज ,

सुनो अपने दिल की झंकार  , सुंदर , प्यारी झंकार  ,

जो बढ़ा देंगी  , जिंदगी की खुशियाँ   || 

 

दिल तो तुमसे , मीठी - मीठी बातें ही करेगा  ,

वो बातें जीवन भर , तुम्हें खुश रखेंगी  ,

तो हमेशा दिल से बातें करो ,और दिल की बातें सुनो  || 

 

जिंदगी बहुत खूबसूरत है दोस्तों , उसमें खुश रहो  ,

ये जहाँ बहुत सुंदर है दोस्तों , उसे सुंदर बना लो दोस्तों  ,

 तभी सुखमय जीवन बिताओगे  दोस्तों   || 

 

Friday, January 9, 2026

MANN KII UDAAN ( KSHANIKAA )

 

                  मन की उड़ान 

 

आसमान है इतना विशाल  , आँखें पूरा देख नहीं पातीं  ,

आसमान है इतना ऊँचा ,आँखें इतना ऊँचा देख नहीं पातीं  ,

पर मन की उड़ान है , इतनी ऊँची , 

इतनी विशाल , सब कुछ देख लेती  || 

 

 मन तो पूरे जग में घूम लेता  , ब्रह्मांड का चक्कर लगा लेता  ,

मन की इच्छा ,मन की शक्ति  , सब कुछ कर लेती दोस्तों  ,

तो मन की उड़ान को ,पूरी आजादी दे दो दोस्तों   || 

 

तभी तो कहावत है , " मन के हारे हार है ,मन के जीते जीत ",

तो मन को शक्तिशाली बनाए रखो , आजाद बनाए रखो  ,

तभी तो मन सब कुछ जीत पाएगा  ,

और  आप भी  खुश रह पाओगे दोस्तों   || 

 

Thursday, January 8, 2026

KARNN KII VYATHAA ( KSHANIKAA )

 

                          कर्ण की व्यथा 

 

क्यों छोड़ दिया तुमने मुझे  ,नदिया की धार पे   ?

क्या मैंने तुमसे कुछ माँगा था , अपने दो हाथों में  ?

जीवन भी तुमने दिया था  , सिर्फ अपनी मर्जी से ,

क्या मैंने वह जीवन भी तुमसे , माँगा था पुकार के   ??

 

बाकी पुत्रों को जन्म दिया  , पाल - पोस कर बड़ा किया  ,

क्या मैं नहीं था तुम्हारे , शरीर का अंश जो फेंक दिया  ?

मैं क्यों तुम्हें अपनी माँ पुकारूँ , अपनी जुबान से   ?

मेरी माता तो राधा है  , जिसने पाला अपने आँचल में  || 

 

राजकुमारों के द्वंद्व युद्ध में जब , मेरा अपमान हुआ  ,

तुमने तो तब भी मुँह फेर लिया , अपने ही अंश से  ,

तब तो वही राजकुमार आगे आया  , मेरे अपने पक्ष में ,

वो था बुरा तुम्हारे पुत्रों के लिए , मेरा तो वह दोस्त है   || 

 

तो क्यों आज मैं उसका हाथ छोड़ूँ , जो मेरा दोस्त है  ?

आज उसे मेरी  जरूरत है , अपने दोस्त की  ,

मैं जान देकर भी उसकी , मदद करूँगा ,मदद करूँगा ,

मैं राधेय था , राधेय हूँ  , राधेय ही रहूँगा   || 

 

 

Wednesday, January 7, 2026

CHAMKAAR ( CHANDRAMAA )

 

                            चमकार 

 

चाँद का घर है  , बादलों के पार दोस्तों  ,

चलो उड़ चलें हम भी  , बादलों के पार दोस्तों  ,

लाओ कहीं से दो पंख  , चाहे हों उधार दोस्तों    ||  

 

 पंख लगा कर  हम उड़ जाएँ ,  ऊँचे गगना  में  ,

चाँद पर पहुँच जाएँ , हम गगना  के अँगना में  ,

पहुँच कर चाँद के घर  , कर लें उससे आँखें चार दोस्तों   || 

 

चंदनिया भी मिलेगी वहाँ  , जो मुस्कान है चंदा की  ,

उससे हम करेंगे दोस्ती  , चंदा के उस घर में  ,

चमकाएँगे अपना जीवन , लेकर चंदनिया की चमकार दोस्तों   || 

 

Tuesday, January 6, 2026

AUM HII BRAHM ( AADHYAATMIK )

 

                       ॐ  ही  ब्रह्म 

 

ईश्वर का अस्तित्व है क्या  ?  कोई नहीं जानता   ,

देखा है क्या उसे किसी ने  ? कोई नहीं जानता  ,

अधिक लोग उसके अस्तित्व को मानते  ,

कुछ नहीं मानते  ,

क्या आप मानते हैं दोस्तों   ??

 

कुछ लोग पूजा - स्थल पर जाते हैं  , पूजा करते हैं  ,

मगर कुछ कहीं नहीं जाते , पूजा नहीं करते  ,

मगर ईश्वर के अस्तित्व को मानते हैं  ,

उसे याद करते हैं  ,

आप क्या करते हैं  दोस्तों   ??  

 

हम तो दोस्तों , इस ब्रह्मांड को ,

बनाने वाली और उसे चलाने वाली  ,

शक्ति को मानते हैं  , और उसे याद करते हैं  ,

नमन करते हैं  , शीश झुकाते हैं  ,

ॐ  शब्द का उच्चारण कर  ,

ॐ को ही ब्रह्म मानते हैं  ,

आप क्या मानते हैं  दोस्तों  , जवाब दो   ?? 

 

Monday, January 5, 2026

CHAMAKATII DAAMINII ( JALAD AA )

 

                            चमकती दामिनी 

 

सारी रात बदरी बरसती रही सखि री ,

साथ में दामिनी चमकती , कड़कती रही सखि री ,

पवन ने भी अपनी दौड़ लगा दी सखि री  ,

रात भर द्वार खड़कते रहे सखि री   || 

 

रात में हर शोर ने ,जगाया हमें कई बार  ,

नींद की रानी ने , वापस सुलाया हमें हर बार  ,

बदरी  भी रात के अँधियारे में   ,

पवन के संग , डोलती रही सखि री   || 

 

दामिनी की चमक ने दिखाया  ,

अँधेरे में भी रस्ता बदरी को  ,

बदरी ने भी हाथ थाम कर दामिनी का  ,

मनोरंजन कराया , धरा को सखि री   || 

 

चलो दोस्तों हम भी  , बदरी का हाथ थामें  ,

गगना के अँगना में खेलें  ,

दामिनी तुम दिखाओगी ना , रास्ता हमें भी  ? 

रात के अँधियारे में धरा के  , अनजान रास्ते सखि री   ||   

Sunday, January 4, 2026

SANGEET AUR GEET ( JIVAN )

 

                          संगीत और गीत 

 

संगीत के सुरों से , गीतों के बोलों को मिलाकर  ,

ये जहां गुनगुनाता  है , मुस्कुराता है दोस्तों  ,

तो तुम भी उन्हीं को गुनगुनाकर  ,

मुस्कुरा लो दोस्तों   || 

 

जहां का सारा संगीत ,

झरनों की कल - कल से आता है  ,

नदिया की छल - छल से आता है  ,

कोयल की कूक संगीत की जान है  ,

चिड़ियों की चहक संगीत की शान है  ,

तुम भी उसे सुन कर  , खिलखिला लो दोस्तों   || 

 

गीतों के प्यार भरे बोल  ,

मिल जाते हैं , जब सुरों से  ,

तो सारा जहां , उनसे  गूँज उठता है  ,

खिलखिला उठता है   || 

 

Saturday, January 3, 2026

PYAAS ( RATNAAKAR )

         

                             प्यास 

 

आज तो बदरा बरसे , पूरी रात सखि ,

रत्नाकर की प्यास बुझाई  ,

कहाँ से लाए इतना जल   ?

जिससे भर पाया पूरा रत्नाकर   || 

 

लहरें रत्नाकर की , खेल रही होंगी  ,

उछल - उछल कर खेल रही होंगी  ,

सबको ही पास बुला रही होंगी  ,

मुस्कानें सब में बाँट रही होंगी   || 

 

बदरा से इतना जल लेकर , 

रत्नाकर तुम आओ मेरे पास  ,

हम दोनों साथ मिल कर बैठेंगे  ,

मिल - जुल कर दिल की बात करेंगे   || 

 

तुम अपनी सुनाना और मेरी सुनना  ,

आपस में एक - दूजे की  ,

जिंदगी के बारे में जानेंगे  ,

और दोस्ती में डूब जाएँगे   || 

 

Friday, January 2, 2026

SACH - JHOOTH ( JIVAN )

 

                             सच - झूठ 

 

हम सच बोलते रहे तुम से ,

तुम झूठ बोलते रहे हम से  ,

सच और झूठ की यही राहें , मिलती रहीं आपस में  ,

तो बोलो तुम , ऐसा क्यों  हुआ  ?? 

 

ये सच और झूठ की राहें  , क्यों आपस में टकराईं  ?

क्यों ये राहें ,  अलग नहीं हुईं  ?

तो बोलो तुम  , ऐसा क्यों हुआ  ?? 

 

अगर ये राहें अलग हो गईं  ,

तो जीवन हमारा और तुम्हारा , 

सुंदर हो जाएगा दोस्तों  ,

कीमत कुछ शब्दों की तो होनी चाहिए  ,

मान अपने शब्दों का तो होना चाहिए  ,

सच का सम्मान  होना चाहिए दोस्तों    || 

 

Thursday, January 1, 2026

SHRUM - BINDU ( PAWAN )

 

                        श्रम - बिंदु 

 

श्रम - बिंदु  ---  मेहनत का पसीना ,

 

आज पवन मेरे घर आई सखि  ,

मेरे श्रम - बिंदुओं को , वह ले उड़ी सखि ,

प्यार से मेरे चेहरे को , सहला गई सखि , 

उड़ा - उड़ा कर मेरे  , गेसू बिखरा गई सखि   || 

 

गगना में उड़ते बदरा को  , दूर उड़ा गई सखि  ,

रवि किरणों को भी  , हर ओर फैला गई सखि  ,

धरा पर रश्मियाँ  , बिखरा गई सखि   || 

 

राहों के अँधियारों को  ,  चमका गई सखि  ,

हमारी साँसों को  , महका गई सखि  ,

ऐसी हमारी सहेली है  ,  ये पवन है सखि   ||