Tuesday, February 25, 2025

MUKTII ( AADHYAATMIK )

 

                                 मुक्ति 


प्रेम साधना कर लो बंधु ,जग के पालनहार से ,

ये साधना की जो तुमने , तो भक्ति है ,

यदि समझे साधना को , तो शक्ति है , 

और यदि पा गए उसे , तो मुक्ति है  || 


भक्ति ही तो तुम्हारी शक्ति है ,

इसी शक्ति से ही  तो , तुम बलशाली बनोगे ,

मुक्ति पा कर ही तो  तुम ,

कर लोगे इस भवसागर  को पार दोस्तों  || 


जिंदगी के इस रूप को , अपना लो ,

जीवन सुंदर और सबल , बना लो , 

तभी तो तुम उस , रचनाकार की ,

छत्र छाया में रहकर उसका , प्यार पा लो  || 

 

Monday, February 24, 2025

LAKEEREN ( JIVAN )

      

                                लकीरें 


लकीरों की कहानी भी , अलग है दोस्तों ,

मस्तक की लकीरें , आपकी चिंता बयान करती हैं  ,

 उन्हें देख कर ,कोई भी जान जाएगा ,

आप चिंतित हैं दोस्तों  || 

 

हाथों की लकीरें ,आपका भाग्य बयान करती हैं ,

 उन्हें पढ़ने की  ,शक्ति रखने वाला ,

आपके भाग्य का ,वर्णन कर देगा दोस्तों  || 

 

रिश्तों में खिंची लकीरें ,रिश्तों की दरारें बयान करती हैं ,

हर कोई उन्हें देख कर जान जाएगा ,

रिश्ते टूटने के कगार पर हैं दोस्तों  || 

 

धरती पर खिंची लकीरें , बाँट देती हैं धरा को ,

घरों को  , राज्यों को , देशों को  ,

हर कोई उन्हें देख कर ,

सरहदों को पहचान जाएगा दोस्तों  || 

 

Sunday, February 23, 2025

JHOOLE MELE KE ( KSHANIKAA )

 

                                झूले मेले के 


मेले में ऊँचे झूले में , कभी बैठे हो दोस्तों  ?

वह झूला नीचे आता है , फिर  ऊपर जाता  है ,

ऐसे ही झूला घूमता जाता है दोस्तों  || 

 

जब ऊपर जाता है , दूर तक मेला दिखता है ,

नीचे आते हुए ,हवा का तेज झोंका मिलता है ,

ऐसे ही झूला घूमता जाता है दोस्तों  || 

 

नीचे आते हुए ,ऊपर जाते हुए ,

दिल की धड़कनें ,बदलती जाती हैं ,

कभी तेज होती हैं ,कभी धीमे होती हैं  ,

ऐसे ही धड़कनों की ,गति बदलती जाती है दोस्तों  || 

 

जिंदगी के रास्तों में भी , झूले के समान ,

उतार - चढ़ाव आते हैं दोस्तों  ,

ये उतार - चढ़ाव ही ,जीवन में बदलाव लाते  हैं  ,

उन्हीं उतार - चढ़ाव से ,जीवन में ,

सभी भाव भी बदलते हैं दोस्तों  || 

 

उन्हीं भावों से जीवन में ,चमकने वाले ,

सभी इंद्रधनुष ,जीवन में रंग और ,

खुशियों भर जाते हैं ,साथ ही ,

होठों पर मुस्कानें ,खिला जाते हैं दोस्तों  || 

 

 

 

 

Saturday, February 22, 2025

SAMASYAA ( KSHANIKAA )

 

                          समस्या 


समस्या कोई भी आए ,डरो मत ,

हौसलों को प्रयासों में ,बदल दो ,

समस्या को उन पर ,ना होने देना हावी || 

 

समस्या कोई भी हो , हो जाएगी उड़न छू ,

प्रयास भी खुश हो , जाएगा  तुम्हारा ,

हौसले तो दोस्तों ,खिलखिलाएँगे || 

 

जिनके पास हौसला ,नहीं है ,

वही पस्त हो जाते हैं ,दोस्तों ,

इसलिए हौसलों को , बुलंद रखो दोस्तों || 

 

जिन्हें प्रयास करने में ,आलस है ,

उनकी समस्याएँ तो बढ़ती ही ,जाती हैं ,

तो समस्याएँ  एक सागर का , रूप ले लेती हैं  ,

 और उन आलसियों को अपने में , डुबा लेती हैं  || 


Friday, February 21, 2025

GUNGUNAATE RAHO ( KSHANIKAA )

 

                          गुनगुनाते रहो 


जिंदगी के हर पल को ,बना लो दिल की धड़कन ,

जिससे हर पल तुम ,जिंदगी जीते रहो ,

जिंदगी की राह को ,पार कर के  पहुँचो ,

अपनी मंजिल पर ,जिस से  सफलता पाते रहो  || 


तभी तो धड़कनें तुम्हारी ,खुश रहेंगी ,

तभी तो धड़कनें तुम्हारी ,गुनगुनाती रहेंगी ,

उन्हीं के साथ , तुम भी तो , 

मुस्कुराते रहो , गुनगुनाते रहो  || 


कीमत जानो तुम , मुस्कानों की ,

कीमत जानो तुम , गुनगुनाने की ,

तभी तो तुम जीवन में , खुश रह पाओगे ,

तभी तो तुम जीवन में , खिलखिलाओगे ,

तो बंधु मुस्कुराओ , खिलखिलाओ ,

और गीत , संगीत गाते  रहो , गुनगुनाते रहो  || 

Thursday, February 20, 2025

BATIYAA LO ( KSHANIKAA )

 

                               बतिया लो 


वक्त ने आज मुझसे मुलाकात की दोस्तों ,

कहा आज दो घड़ी बतिया लो मुझसे ,

मैं चला जाऊँगा तो फिर नहीं आऊँगा दोस्तों  ||  


मैं कहीं भी रुक नहीं सकता हूँ दोस्तों ,

पता नहीं ,फिर जब मिलूँगा तो क्या हो  ?

पता नहीं ,उस समय मैं तुम्हें हँसाऊँगा या रुलाऊँगा  ?

इसीलिए आज ही तुम बतिया लो दोस्तों  || 

 

आज तो हम दोनों के ,होठों पर मुस्कानें हैं ,

मीठे गीत हैं ,मीठे बोलों के तराने हैं ,

तो आज ही तुम मुझसे ,बतिया लो दोस्तों  || 

 

सभी की सोच बदलती जाती है ,

सभी की जिंदगी ,प्यार में डूबती चली जाती है ,

तो आज ही तुम मुझसे बतिया लो दोस्तों  || 

 

इन्हीं मुस्कानों को ,होठों पे सजाए रखो ,

दिल में प्यार को ,बसाए रखो दोस्तों ,

ये कहते हुए वक्त ने , फिर से बोला ,

तो आज  ही तुम मुझसे ,बतिया लो दोस्तों  || 


Wednesday, February 19, 2025

UJIYAALE PATH ( KSHANIKAA )

 

                          उजियाले पथ 


दुनिया में कोई नहीं ,सर्वगुण संपन्न ,

कुछ - कुछ कमी ,सभी में होती  दोस्तों ,

अपनी कमी को दूर  करने की कोशिश करो ,

और दूजों की कमियों को ,स्वीकार करो दोस्तों  || 

 

मदद के लिए ,हाथ बढ़ाओ जरूर ,

मगर उम्मीदों को ,सीढ़ी मत बनाओ दोस्तों ,

जरूरत पड़ने पर ,ईश्वर को याद करो ,

कोई गर हाथ बढ़ाए तो ,प्यार से थामों दोस्तों  || 

 

अपनी मुस्कानों को बनाए रखो ,

कभी भी उन्हें गायब मत होने दो दोस्तों ,

ये मुस्कानें ही तुम्हें मंजिलों की राहों  ,

के उजियाले और आसान ,पथ दिखलाएँगी दोस्तों ,

 

जो कुछ तुम्हें मिला है जीवन में ,

भर लो उस सब को , झोली में दोस्तों ,

सोचो जो कुछ तुम्हें मिला है ,

वही तो सबसे सुंदर है दोस्तों  || 

 

Tuesday, February 18, 2025

SAANCH ( KSHANIKAA )

 

                                  साँच 


जिंदगी में हर पल डूबा है ,प्यार में ,

कभी विश्वास में ,कभी अविश्वास में ,

मगर हर पल सुकून की श्वांस में  || 

 

कभी कोई समस्या आए तो ,

हाथ किसी अपने का है अपने हाथ में ,

दो मीठे बोल ,गूँज रहे अपने कान में  || 

 

मत सोचो दोस्त ,किसी गुजरे पलों को ,

मत सोचो दोस्त ,किसी के कड़वे बोलों को ,

सिर्फ यही पल तो ,जीवन में साँच है  || 

 

बीते पल के माया जाल से निकल ,

आने वाले पल के , भ्रम में ना फँस ,

 सिर्फ यही पल तो ,जीवन में साँच है  || 


आज हम मुस्काएँगे ,तो जग भी मुस्काएगा ,

जग के मुस्काने से , वक्त भी मुस्काएगा ,

तभी तो जीवन होगा पूर्ण , हमारी मुस्कान में  || 

 

Monday, February 17, 2025

BAAT ( KSHANIKAA )

 

                             बात 


बात ,बात की चली है यारों ,

बात ध्यान से सुनना तुम ,

बातों में से बात है निकली ,

इसको ध्यान से गुनना तुम   || 

 

बात से जब निकलती है बात ,

तो दूर तक चली जाती है बात ,

तो ऐसे निकलती बात को ,

देकर ध्यान समझना तुम  || 

 

बातों का सिलसिला जब चलता है ,

तो दिल तक बात पहुँचती है ,

तुम भी तो मेरी बातों को ,

अपने दिल तक पहुँचाना तुम  || 

 

अपने दिल के बाहर ही यारों ,

रोकना नहीं इन बातों  को तुम ,

खोलना अपने दिल के दरवाजों को ,

मेरी सारी बातें अपने दिल में पहुँचाना तुम ,

 समझ गए ना यारों  || 

 

Sunday, February 16, 2025

VIKALP ( KSHANIKAA )

 

                             विकल्प 


जीवन में हमेशा ,सूरज जैसा बनो दोस्तों ,

उगने में अभिमान नहीं ,अस्त होने में उदासी नहीं || 

 

दूसरों को देने में ,कोई कोताही नहीं ,

किसी से बदले में ,कोई भी माँग नहीं ,

हर किसी को देना ,मदद करना ,

यही तो जीवन को ,सुंदर बनाता  है || 


हर किरण के द्वारा ,समान उजाला फैलाना ,

दिन के दर्शन ,सभी को कराना ,

यही तो सभी के दिलों में ,

आशाएँ और उम्मीदें जगाना है || 

 

तो बंधु चुन लो कि ,

तुम्हें कैसा जीवन पसंद है ?

चाँद जैसा या सूरज जैसा ?

दोनों विकल्प ही तुम्हारे हाथ हैं || 

 

Saturday, February 15, 2025

ANUBHAV KII NEENV ( KSHANIKAA )

 

                             अनुभव की नींव 


इस जग में रिश्ते बनाते हैं सभी लोग ,

उन रिश्तों को निभाने के लिए ,

ना कोई नियम है ,ना ही कोई नियम ,

सिर्फ दिल की आवाज ,और मुस्कान चाहिए दोस्तों || 

 

किसी भी परेशानी में ,जो आपका साथ दे ,

उसे आप कभी ,अपने से दूर ना करें ,

परेशानी में पड़ने पर ,जो आपका साथ छोड़ दे ,

उससे आप नजदीकियाँ ,ना बढ़ाएँ दोस्तों ,

और जो आपको ,परेशानियों में लपेट दे ,

उसे तो आप ,भूल ही जाएँ दोस्तों || 

 

रिश्ते अनुभव के ,आधार   पर ही बनाए रखें ,

अनुभव की नींव पर आधारित ,रिश्ते ही असली हैं ,

उन रिश्तों को कर्म के पानी से ,

सींच कर फलने - फूलने का ,मौका दें दोस्तों || 

 

Thursday, February 13, 2025

PAATII PREM KII ( KSHANIKAA )

 

                       पाती प्रेम की 


प्रियतम देखो आई फरवरी ,फूल खिलें हैं चहुँ - ओर ,

बसंत ऋतु है छाई चहुँ - ओर ,

आया प्यार का विदेशी त्योहार ,

वैलैंटाईन डे है जिसका नाम || 

 

आओ प्रियतम हम भी मनाएँ ,रोज़ डे ,चॉकलेट डे जैसे दिन ,

चलो कहीं हम घूम के आएँ ,

कैंडेल लाईट डिनर करें हम ,

फिर प्यार के पलों को ,हम जी जाएँ || 

 

मौसम ये सुंदर सा है ,दिल में हिलोर उठने का है ,

तुम - हम फिर उनका आनंद उठाएँ ,

आओ प्रियतम हम भी मनाएँ ,

प्यार को फिर जीवंत बनाएँ ,जीवंत बनाएँ || 

 

Wednesday, February 12, 2025

HALCHAL ( KSHANIKAA )

 

                               हलचल 


जिंदगी की राह है टेढ़ी - मेढ़ी ,

तो चलते हुए सभी ,मोड़ों को अपना लो दोस्तों ,

जानो तो सही ,हर मोड़ क्या कहता है  ?? 

 

जिंदा इंसान ही ,उस राह पर ,

चलना सिखाता है ,दौड़ना सिखाता है ,

जब कि वह इंसान खुद ही ,

उस राह पर ,चलना नहीं जानता है  || 

 

ऐसे ही जिंदा इंसान होते हैं ,जो जिंदगी के बाद की ,

दुनिया के बारे में ,सब को बताते हैं ,

क्या एक जिंदा इंसान बता सकता है  ?

कि मौत के बाद क्या होता है  ?? 

 

जिंदगी में होने वाली हलचलों को ,

कोई नहीं जानता ,तो जिंदगी के बाद की ,

हलचलों को कोई क्या बताएगा   ?? 

 

Tuesday, February 11, 2025

SHIDDAT ( KSHANIKAA )

 

                                      शिद्दत 


जिंदगी उस आईने की तरह है दोस्तों ,

जो हमारा अक्स दिखाता है ,सच के साथ ,

तो पूरे सच के साथ उस आईने को ,

पूरी शिद्दत से प्यार करो दोस्तों || 

 

जिंदगी में आए अँधेरे को ,कैसे मिटाओगे ?

उसे सोचने और करने में वक्त की ,

बर्बादी ना करके ,एक दीपक जला लो ,

उसी से आसानी से ,अँधेरे दूर हो जाएँगे दोस्तों || 

 

जिंदगी में मिले दोस्तों के लिए ,दिल में जगह बनाए रखो ,

यह याद रहे वही तो तुम्हारी ,

प्यारी और सच्ची कमाई है दोस्तों || 

 

जिंदगी में कितनी भी ऊँचाई छू लो ,

मगर याद रखो ,उन मंजिलों को कायम रखना जरूरी है ,

वहाँ से यदि गिरे ,तो सब कुछ ,

खत्म हो जाएगा दोस्तों ,शिद्दत से प्यार करना जरूरी है || 

 

 

Monday, February 10, 2025

AARAMBH ( KSHANIKAA )

 

                                आरंभ   


अंत के बाद ही ,आरंभ शुरु होता है ,

पेड़ों से पीले और सूखे पत्ते गिरते हैं ,

तभी तो कोमल ,हरे पत्ते निकलते हैं || 

 

कोई भी इमारत टूटने के बाद ही ,

उसका नव -निर्माण शुरु होता है ,

और नई इमारत बन जाती है || 

 

इसी तरह दोस्तों ,व्यक्ति जब ,

परिस्थिति वश टूट कर बिखर जाता है ,

तभी अपने अंतर्मन को समेट कर ,

वह मजबूती हासिल कर के ,

एक नए इंसान का रूप ले लेता है || 

 

दोस्तों ऐसे ही तुम भी स्वयं को ,

मजबूत और शक्तिशाली बना लो ,

जीवन में आत्मशक्ति भर कर ,

जीवन में खुशहाली के फूल खिला लो || 

 

Sunday, February 9, 2025

MUUD JAAIE ( KSHANIKAA )

 

                                मुड़ जाइए 


वक्त की रफ्तार ,तुमसे तेज है दोस्तों ,

उसके साथ चलते जाइए ,

वक्त तो उड़ता है ,अपने पंखों पर ,

कोशिश आप भी करते जाइए || 

 

वक्त कभी रुकेगा नहीं दोस्तों ,

वह तो फिसलता जाएगा ही दोस्तों ,

ऐसे में आप क्या करोगे दोस्तों ?

आप भी उसके साथ फिसलते जाइए || 

 

जिंदगी भी वक्त की रफ्तार से चलती है ,

ये दुनिया भी उसी के साथ चलती है ,

कोशिशें आप भी  अपनी बढ़ाते जाइए ||  


प्यार भी पनपता है ,वक्त के साथ ही ,

वक्त की रफ्तार तो ,हर मोड़ पर मुड़ती है ,

उसके साथ ही दोस्तों ,आप भी मुड़ जाइए || 

 

NEED ( KSHANIKAA )

 

                                       नीड़

 

जग में आते ही मिलते हैं , माता - पिता ,

कुछ नाते -रिश्ते भी मिलते हैं ,बोनस में ,

दादा -दादी ,नाना -नानी भी मिलते हैं ,

बाकि सब कुछ को मिलते हैं ,कुछ को नहीं || 

 

कुछ वर्षों बाद ,दोस्तों का साथ मिलता है ,

खेलों का स्वाद तब मिलता है ,

गुरु -जन आते हैं जीवन में ,जो ज्ञान हमें देते हैं ,

कुछ ऐसे भी मिल जाते हैं , जो जग  का चलन सिखाते हैं || 


समय बीतता जाता है ,परिवार भी बढ़ जाता है ,

धीरे -धीरे फिर साथ भी ,छूटने लगता है ,

बुजुर्गों का हाथ छूटता है जब ,संसार सुना लगने लगता है तब || 

 

लेते हैं विदाई माता -पिता ,कुछ रिश्ते भी खत्म हो जाते हैं ,

धीरे - धीरे कुछ दोस्त गए ,आती  है बारी अपनी भी ,

जग तो है ऐसी रेलगाड़ी ,सवार होते  रहते सभी ,

फिर धीरे - धीरे ,एक -एक कर ,उतरते रहते सभी || 

 

तो क्या मोह ? क्या माया ? क्यों किसी से दिल लगाया ?

इस संसार में जो नीड़ था बसाया ,

एक दिन ऊपर वाले ने उसको खाली कराया || 

 

Friday, February 7, 2025

KYAA HUAA ? ( KSHANIKAA )

 

                             क्या हुआ  ?

 

राहों में चलते - चलते ,कदमों के बढ़ते - बढ़ते ,

जो कुछ हमने करना चाहा ,

दिल से वही किया ,पर पता नहीं क्यों  ??  


जो करना चाहा था ,और जो किया ,

वही नहीं हुआ ,कुछ और ही हो गया ,पता नहीं क्यों  ?? 

 

ऐसे में ही ,मिला कुछ और ही ,

और वह भी समझ में नहीं आया ,

क्या मिला था  ? पता नहीं क्यों  ?? 

 

सब कुछ समझ से परे था ,

उसका एक सिरा भी ,पकड़ में आ जाता ,

तो शायद सब कुछ सुलझ जाता ,

मगर कौन बता सकता है  ?

कि ऐसा क्यों हुआ  ?  हमें तो पता ही नहीं क्यों  ?? 

 

Thursday, February 6, 2025

SANVAAR LEY ( KSHANIKAA )

 

                           संवार ले 


देह बनी है माटी की ,साँसें मिलीं उधार की ,

किस बात का तू ,मानव करे घमंड ?

ये सारी रचना की ,उसने प्यार की ,

तो मानव तू प्यार कर ले ,जीवन संवार ले || 


जो कुछ जीवन में ,तुझे मिला ,

उसको सिर झुका कर ,तू स्वीकार कर ,

ईश्वर की उस देन को ,व्यर्थ ना गँवा तू ,

तो मानव तू प्यार कर ले ,जीवन संवार ले || 


ईश्वर की हर सौगात को ,रख तू संभाल के ,

उन्हीं सौगातों से तो ,जीवन तेरा मालामाल है ,

उनके लिए तू ,ईश्वर का धन्यवाद कर ,

तो मानव तू प्यार कर ले ,जीवन संवार ले || 


ये मानव जीवन ,जो मिलता है मुश्किल से ,

उसी जन्म को बिता दे तू ,मानवता की सेवा में ,

मानवता की सेवा में ,मिलेगा साथ ईश्वर का ,

तो मानव तू प्यार कर ले ,जीवन संवार ले || 


Wednesday, February 5, 2025

KAB AAOGE ? ( JALAD AA )

 

                             कब आओगे  ?


बदरा तुम कब आओगे ,पवन के संग - संग ?

दामिनी को कब चमकाओगे ,अपने संग - संग ? 

बरखा को कब मिलवाओगे ,हमरे आँगन ,हमरे आँगन ?? 


तुम तो हो बदरा दोस्त हमारे ,आ जाओ अपने दोस्तों संग ,

हम भी धरा के दोस्तों संग ,बुला लेते हैं अपने संग ,

हमारे पास है बगिया अपनी ,वहीं पे महफिल होगी संगीत संग  || 


उस महफिल में ओ -बदरा ,तितलियाँ रंग बिखराएँगी ,

फूलों के रंगों के संग ,पंछी भी गीत सुनाएँगे ,

तेरी दामिनी की चमकन ,और कड़कन के संग -संग || 


अब बताओ जल्दी  से ,कब मिलेगी तुमको फुरसत ,

और बोलो कब आओगे ,कब आओगे ?? 


Tuesday, February 4, 2025

IISH HII ( AADHYAATMIK )

 

                         ईश ही 


करके किसी की मदद ,बनो किसी की खुशी का कारण ,

परेशानी दूर कर किसी की ,लाओ उसके होठों पर मुस्कान ,

यही तो आराधना है ईश की || 


आशा और विश्वास ,हमारा जीवन संवारते हैं ,

मगर हम आशा किस से करते हैं ?

और विश्वास हम किस पर करते हैं ? 

यह ही हमारे लिए है महत्त्व पूर्ण || 


सब कुछ जग में हमारा है ,पराया नहीं ,

मगर जब भरोसा टूटा तो ,रिश्ता पराया ,

और जब साँसें टूटीं तो ,शरीर पराया ,

अपना तो है ,सिर्फ ईश ही || 

 

DHARAA PE ( RATNAAKAR )

 

                          धरा पे 


सारे जहां में फैला सागर ,जल का अतुल भंडार ,

फिर भी मीठा जल ना मिलता ,पीने को भई जीने को ,

वैसे जीवन उपजा सागर में ,वहीं से आया धरा पे  || 

 

 आज है दुनिया बदली ,धरा पे जीवन फैला ,

सागर में भी जीवन फैला ,दोनों ही अलग - अलग ,

मगर जीवन तो जीवन है ,चाहे हो सागर में ,चाहे धरा पे || 


बदलाव हमेशा आता है ,धरा पे मानव आया ,

उसने जलवायु को बदला ,खूब प्रदूषण फैलाया ,

अब तो बंधु ,मुश्किल हो गया ,जीवित रहना धरा पे || 


मानव  ने अपने लिए ,सुविधाएँ जुटाईं ,

मगर प्रकृति को बिगड़ाया ,प्रकृति ने भी मानव को ,

भरमाया   और बदला लेने के लिए ,

जाल बिछाकर मानव को पकड़ा धरा पे || 


Sunday, February 2, 2025

HEY SHAARDE MAA ( AADHYAATMIK )

 

                        हे  शारदे  माँ 


हे शारदे माँ , हे शारदे माँ ,

मुझ को तू शब्दों का , भंडार दे माँ   || 


ज्ञान की देवी , थोड़ा  सा ज्ञान ,

हम को  भी दे के , हमें तार दे माँ  || 


लेखनी मेरी , चलती ही जाए ,

ऐसा ही कुछ तो ,चमत्कार दे माँ  || 


हमारा ये शीश , झुके ना कहीं और  ,

तेरा ही आशीष ,मिल जाए हम को  ,

उसी से भरा ये , संसार दे माँ  || 


हे शारदे माँ , हे शारदे माँ  ,

हम को तू अपना , गहन प्यार दे माँ  || 


SUKHAD AHSAAS ( KSHANIKAA )

 

                             सुखद अहसास 


बन जाने पर ,संबंधों की दरार कभी भरती नहीं ,

राहों के सभी काँटे ,कभी हटते ही नहीं ,

बस कोशिशें ,अपनी जारी रखो दोस्तों || 


नदिया की दिशा ,कोई बदल नहीं सकता ,

समंदर के पानी को ,कोई मीठा नहीं कर सकता ,

बस कोशिशें ,अपनी जारी  रखो दोस्तों || 


जीवन की साँसें और ,जीवन का समय निश्चित है ,

यह सब हमें ,आशीष के रूप में मिला है ,

इसी आशीष को,अपनाने की कोशिश,जारी रखो दोस्तों || 


जिंदगी एक सुंदर और पवित्र नेमत है ,

इस जग में जिंदगी को बिताना ,सुखद अहसास है ,

इस अहसास को ,महसूस करते रहो दोस्तों || 


Friday, January 31, 2025

PAANCH CHAAND ( CHANDRAMAA )

 

                        पाँच  चाँद 


गगन में चमके हैं आज चाँद पाँच ,

ये बात है बंधु समझो साँच ,

लकीरों में लिखी है ,किस्मत सभी की ,

अँगुलियाँ आगे इसलिए हैं ,

कि इन्हीं अँगुलियों के पोरों में ,

बस गए हैं ये चाँद पाँच  || 


संगीत के पंचम सुर में ,जो  जीवन है ,

वही जीवन अँगूठे के ,पोरों में बसे चाँद में है ,

ये चाँद ही तो ,मानव की पहचान है ,

ये चाँद दो मनुष्यों के ,आपस में नहीं मिलते ,

सभी के चाँद अलग - अलग हैं || 


हथेली की लकीरें ,और ये चाँद ही ,

मानव - जीवन के  ,भाग्य और कर्म बनाते हैं ,

मुहावरों से आगे ,बसते हैं भाग्य और कर्म ,

गगन के चाँद तो ,गगन की सिर्फ चमक बढ़ाते हैं ,

मगर हाथ के चाँद ,तो मानव जीवन चमकाते हैं || 


Thursday, January 30, 2025

THODII DER ( GEET )

 

                            थोड़ी देर 


मिलने का बहाना है ,थोड़ी देर लगेगी ,

तुम को तो पाना है ,थोड़ी देर लगेगी || 


कलियों को खिलना है ,फूलों को महकना है ,

जग को महकाना है ,थोड़ी देर लगेगी || 


नदिया को बहना है ,कश्ती को चलाना है ,

सागर छलकाना है ,थोड़ी देर  लगेगी || 


हम ढूँढते हैं उनको ,जो मिल के नहीं मिलते ,

हम ने उन्हें पाना है ,थोड़ी देर लगेगी || 


Wednesday, January 29, 2025

DAAYRAA DOSTII KAA ( KSHANIKAA )

 

                              दायरा दोस्ती का 


दोस्ती का दायरा ,फैलाते जाओ यारों ,

दोस्ती ही तो जिंदगी के ,अँधेरों को दूर करता है ,

दोस्ती ही तो दीपक बन कर ,तूफान में भी जलता रहता है ,

इन दीपकों की संख्या ,बढ़ाते जाओ यारों || 


अँधेरी राहों में भी तो ,ये ही उजियाले करते हैं ,

अँधेरी राहों में चलने की ,हिम्मत देते हैं ,

उनसे बटोरो हिम्मत को ,और कदम बढ़ाते जाओ यारों || 

 

समस्याओं का सामना ,हिम्मत से ही कर सकते हैं ,

हिम्मत के साथ ही ,कोशिशों को भी जोड़ लो यारों ,

तभी तो होठों पर ,मुस्कानें बढ़ती जाएँगी ,

और हमारी राहों को ,आसान बनाएँगी यारों || 


Tuesday, January 28, 2025

JINDGI KO ( KSHANIKAA )

 

                         जिंदगी को 


जिंदगी को कभी ,बोझ ना समझो यारों ,

जिंदगी तो ईश्वर की ,दी हुई नेमत है ,

मौत को जिंदगी का ,अंत ना समझो यारों ,

मौत तो फिर से ,एक नई शुरुआत है || 


जिंदगी में आने वाली ,परेशानियों में ,

घबरा कर ,उदास ना हो जाओ यारों ,

अँधेरी रातों में ही तो ,गगन में ,

तारे टिमटिमाते हैं ,मुस्कानें बिखराते हैं || 


जिंदगी में संदेह को ,कोई जगह मत दो यारों ,

मुसीबतों का पहाड़ संदेह ही तो ,खड़ा करते हैं ,

विश्वास को अपना ,साथी बना लो यारों ,

उसी से तो पहाड़ों में ,रास्ते बनाए जा सकते हैं यारों || 


Monday, January 27, 2025

HAMSAFAR VAKT ( KSHANIKAA )

 

                            हमसफर वक्त 


रास्तों पर जब अकेले ,चलना आ जाएगा ,

तो खुद का ही ,हमसफर बन जाओगे दोस्तों ,

खुद से अच्छा साथी ,क्या हो सकता है कोई दोस्तों  ?? 


चलते - चलते स्कूल छूटता है ,कॉलेज छूटता है,

पर क्या परीक्षाएँ ,समाप्त होती हैं दोस्तों ? 

वो तो जीवन भर चलती हैं ,

परिणाम भी आता जाता है दोस्तों || 

 

साथ ही संघर्ष भी चलता जाता है ,

लगातार संघर्ष और उम्मीदें बढ़ते रहते हैं ,

जो कम होती जाती है ,वह तो उम्र है दोस्तों || 

 

हर मोड़ पर ,वक्त कहता है दोस्तों ,

मेरे साथ चलो ,मुझे हमसफर बना लो ,

मैं कभी नहीं रुकता ,चलता ही जाता हूँ ,

तुम भी चलते ही जाओ  ,रुको मत दोस्तों || 


Sunday, January 26, 2025

PRAHAR ( KSHANIKAA )

 

                                        प्रहर 


दिन - ब - दिन ,परिस्थितियाँ बदलती हैं दोस्तों ,

अपनी चाल भी उन्हीं के ,साथ बदलती है दोस्तों ,

कहीं पर सहनशक्ति काम करती है ,

और कहीं पर ,सब्र काम चलाता है दोस्तों || 


कहीं पर साथ ,किसी का छूटता है ,

कहीं पर साथ किसी का जुड़ता है दोस्तों ,

हर मौसम को अपनाओ तुम ,

हर पल में ,मुस्काओ तुम दोस्तों || 


जीवन भर मुस्कुराओगे गर ,

तो मुस्कुराएगा हर प्रहर दोस्तों ,

ऐसे चलने पर ही तो ,

मजबूत और खुशहाल ,बन जाएगा जिगर दोस्तों || 


Saturday, January 25, 2025

RANG DE RE ( DESH )

 

                                रंग दे रे 


रंग दे रे ,रंगरेजवा मेरा ,झंडा तिरंगा रंग दे रे ,

इस झंडे को ऊपर फैले आसमान में लहराऊँ,

रंग दे रे ---------- || 


अपना देश है इतना सुंदर ,दुनिया में नहीं दूजा ,

सब मिल - जुलकर रहते हैं ,करते हैं इसकी पूजा ,

रंग दे रे ---------- || 


धरती माँ देती है हमको ,जीने के सब साधन ,

तभी तो  हम सब करते हैं ,अपना जीवन यापन ,

रंग दे रे --------- || 


भारत माता है अपनी माँ ,हम उसकी संतान ,

आओ सब मिल कर बोलें ,मेरा भारत महान ,

रंग दे रे रंगरेजवा मेरा ,--------- || 


Friday, January 24, 2025

SAMAY ANMOL ( KSHANIKAA )

 

                      समय अनमोल 


मिला है हमको जीवन में ,निश्चित समय दोस्तों  ,

धीरे -  धीरे उसे ,खर्च करो दोस्तों ,

प्रेम - प्यार ,सहयोग और मीठे बोलों में ,

व्यर्थ ना बहा देना क्रोध ,द्वेष और कड़वे बोलों में || 

 

जिंदगी में सही समय  पर  ,समय देने वाला ,

सही दोस्त मिल जाए ,तो हमारा समय भी दोस्तों ,

सही समय में बदल जाता है , 

और सुंदरता से भरा समय दोस्तों ,

हमारे जीवन को सुंदर बना देता है || 

 

जिंदगी का हर पल कीमती है ,

उसे खुशियों से सजा लो दोस्तों ,

तभी तो जीवन अनमोल बन जाएगा ,

खुशियों से भरी गागर बन ,छलक - छलक कर ,

दूसरों को भी खुशियाँ ,बाँटता चला जाएगा || 

 



Thursday, January 23, 2025

ROOP JIVAN KE ( KSHANIKAA )

 

                               रूप जीवन के 


जीवन एक सुंदर सपना है दोस्तों ,

जो नींद में डूबकर ,मीठी मुस्कान की डोरी के सहारे ,

सच होते चले जाते हैं ,

आइए आप भी कदम बढ़ाइए दोस्तों  || 


जीवन एक सुंदर गीत है दोस्तों ,

जो प्यार भरे शब्दों को बुनकर ,लय के सहारे ,

गुनगुनाते चले जाते हैं हम ,

आइए आप भी गुनगुनाइए दोस्तों  || 


जीवन एक सुंदर बगीचा है दोस्तों ,

जिसमें सभी रंगों के सुंदर फूल ,खुश्बु के सहारे ,

महकाते चले जाते हैं जग को ,

आइए आप भी महक जाइए दोस्तों || 


जीवन एक सूर्योदय है दोस्तों ,

उसकी रश्मियों की गर्माहट महसूस करो ,

उनकी चमक के सहारे  अपने ,

जीवन को नया रूप देते चले जाते हैं ,

आप भी नया रूप पाइए दोस्तों || 


Wednesday, January 22, 2025

KHARAA SONA ( KSHANIKAA )

 

                           खरा सोना 


रवि किरणों से ,जीवन उजियाला कर लो ,

ये रवि के प्यार की निशानी है ,

तुम उसके प्यार को ,स्वीकार कर लो || 

 

सुबह को रवि का ,शृद्धा से स्वागत करो ,

तभी तो वह भी ,अपना प्यार लुटाएगा ,

तुम्हारे जीवन को ,अपना आशीष दे जाएगा || 

 

उसी की रश्मियाँ तो ,धरा को वरदान देती हैं ,

तभी तो धरा ,खरा सोना उपजाती है ,

सारी दुनिया उसी सोने पर पलती  है || 

 

यही तो धरा का प्यार है ,

उसे अपने दामन में भर लो ,

बदले में तुम भी ,अपना प्यार उस पर लुटा दो || 

  

Tuesday, January 21, 2025

SINHAASAN ( JIVAN )

 

                          सिंहासन 


जिंदगी में कमजोर नहीं ,मजबूत बनो ,

सिंह की तरह बनो ,जिसे सिंहासन की जरूरत नहीं ,

क्यों कि सिंह जहाँ बैठता है ,

वहीं सिंहासन बन जाता है दोस्तों || 


वक्त तो चलता ही रहता है दोस्तों ,

चल सको तो उसके साथ चलो ,

नहीं तो सच का दामन थाम कर ,

चलते चलो ,थोड़े वक्त के बाद ,

वक्त स्वयं आपके साथ ,चल पड़ेगा दोस्तों || 


जब वक्त आपके साथ चलेगा ,

तो सारी दुनिया ही ,आपके साथ चलेगी ,

तभी तो आपकी ,जिंदगी मुस्कुराएगी ,

और आपका दिल ,खुल कर  खिलखिलाएगा || 


Monday, January 20, 2025

AVASAR ( KASHANIKAA )

 

                           अवसर 


मौसम की धुंध तो ,मौसम बदलने पर दूर होती है ,

डरो मत धुंध से दोस्तों ,धुंध छँटने पर रास्ता दिख जाएगा ,

राह की धुंध है दोस्तों ,धीरे - धीरे जाएगी || 


जीवन में ,सभी मौसम आते हैं दोस्तों ,

उन मौसम की धुंध में ,मुस्कानों के दीप जलाकर ,

उस धुंध को छँटने का ,अवसर दे दो दोस्तों || 


अब रास्ता साफ ,दे रहा है ना ? 

 चलना छोड़ ,दौड़ लगाकर पार कर लो ,

और अपनी ,मंजिल को पा लो दोस्तों || 


कल जब तुम ,मंजिल पर पहुँचोगे ,

 तो सभी तरह  का ,सुकून पा जाओगे ,

मुस्कानों की महफिल,मंजिल पर ही मिलेगी दोस्तों ||  

 

Sunday, January 19, 2025

SUNAHARAA SAFAR ( KSHANIKAA )

 

                         सुनहरा सफर 


जिंदगी की राह में ,साथ हो दोस्तों का ,

जिंदगी की परेशानी में ,हाथ हो दोस्तों का ,

जिंदगी की मुस्कान में ,ठहाका हो दोस्तों का ,

यही तो जिंदगी का ,सुनहरा सफर है दोस्तों || 


भोर होते ही ,मुस्कान के साथ दिनचर्या शुरु हो ,

भरपूर कर्म करते हुए ,दिन आगे बढ़े ,

पंछियों के कलरव को सुन ,मन प्रफुल्लित रहे ,

यही तो जिंदगी का ,सुनहरा सफर है दोस्तों || 


योग ,प्राणायाम और कसरत से ,

शरीर का स्वास्थ्य उत्तम रहे ,

गीत ,संगीत सुनकर ,मन  गुनगुनाता रहे ,

साँझ की बेला ,हृदय में उमंग जगाती रहे ,

यही तो जिंदगी का ,सुनहरा सफर है दोस्तों || 


रात्रि में लेटने के ,कुछ पल बाद ही ,

निद्रा अपने आगोश में ,थपकियाँ देने लगे ,

सुंदर सपने आकर ,दुनिया की सैर कराने लगें ,

यही तो जिंदगी का ,सुनहरा सफर है दोस्तों || 


Saturday, January 18, 2025

GYAANAARJAN ( KSHANIKAA )

 

                           ज्ञानार्जन 


माता बनी गुरु हमारी ,ज्ञान हम पे बरसाया ,

विद्यालय में भी गुरुओं ने ,ज्ञानार्जन करवाया ,

उसके बाद हम पहुँचे कॉलेज ,ज्ञान का स्तर बढ़ाया || 


एक के बाद एक डिग्रियाँ लेकर ,हमने आगे कदम बढ़ाया ,

अनेक डिग्रियों से दोस्तों ,फाईल को अपनी सजाया ,

ज्ञान बढ़ा ,डिग्रियाँ बढ़ीं ,हमने सर्टिफिकेट्स की संख्या को बढ़ाया || 


सबकी जिम्मेदारियों तले दबकर ,उनके दर्द को समझ - समझ कर ,

हम अपना दर्द दबाए रहे ,सीने में उसको छिपाए रहे ,

इतना  होने पर भी हम ,अपना ही दर्द नहीं समझे || 


अब कहाँ गया वह ज्ञान हमारा ? जो डिग्रियों में था समाया ,

वो ज्ञान जो गुरुओं ने दिया था ,क्या वह बेबुनियाद था ?

वो ज्ञान जो माता ने दिया ,क्या वह खोखलापन था ? 

जब अपना ही दर्द ना समझे हम ,तो ज्ञान का क्या फायदा ?? 


Friday, January 17, 2025

AATM SAMMAAN ( KSHANIKAA )

 

                                  आत्म सम्मान 


जिन रिश्तों के कारण ,आत्म सम्मान रूपी नाव ,

डूबने लगे दोस्तों ,ऐसे रिश्तों को तोड़ दो ,

अपने आत्म सम्मान की ,नाव को बचा लो दोस्तों || 

 

जिंदगी में आत्म सम्मान ही , सब कुछ है ,

उसे कायम रखना बहुत ही ,जरूरी है दोस्तों ,

उन रिश्तों की रस्सियों से ,अपनी नाव को छुड़ा लो दोस्तों || 

 

अब आत्म सम्मान की नाव में ,खुशी - खुशी ,

जिंदगी की राह को ,पार करते जाओ दोस्तों ,

खुशी के लिए कोई ,काम करते हुए सोचो || 

 

हमें खुश होकर , हर काम करना है ,

जिंदगी की राह ,खुश हो कर पार करनी है ,

तभी हम खुश रह पाएँगे ,वो भी आत्म सम्मान के साथ || 

 

Thursday, January 16, 2025

ITTAFAAK ( KSHANIKAA )

 

                                      इत्तफाक 


किसी को दोगे जो खुशियाँ ,

वही तो सबसे बड़ा तोहफा  दोस्तों ,

किसी को दोगे जो मुस्कानें ,वही तो सबसे बड़ा दान है ,

देनी हैं गर दूजों की दुआएँ ,

तो बाँटो मुस्कानें और खुशियाँ दोस्तों  || 


खुशियाँ और मुस्कानें बाँट के दोस्तों ,

तुम भी उन्हीं में डूब जाओ ,

तुम्हें भी तो उनकी दी दुआओं में ,

मिलेंगी ढेर सी खुशियाँ और मुस्कानें दोस्तों || 


कोई बेहतरीन इंसान , किसी की जिंदगी में आए ,

ये तो दोस्तों इत्तफाक है ,और ये इत्तफाक ,

हर किसी के जीवन में नहीं होता ,

तुम दोगे जो खुशियाँ और इत्तफाक ,

लाओगे किसी के जीवन में ,तो तुम्हारा ,

जीवन भी दोस्तों ,ऐसे इत्तफाकों  से भर जाएगा || 


Wednesday, January 15, 2025

SUNDARTAM ( KSHANIKAA )

 

                             सुंदरतम 


सभी बातों को दिल में ,ना बसाओ यारों ,

बाहर की बातों को ,बाहर ही भगाओ यारों ,

क्यों दिल को बड़ा ,और दुःखी करते हो  ??


याद दोस्तों की ,दिल में छिपाओ यारों ,

  दोस्तों की महफिलों के किस्से ,यादों में बसाओ ,

और उन्हें ही याद करके ,खिलखिलाओ यारों || 


अपनत्व दिखाई नहीं देता है ,

किसी को याद करके ,जब होठों पे मुस्कान आती है ,

या खुद से ज्यादा जब किसी को ,

मुस्कानें बाँटी जाती हैं ,वही तो अपनत्व है ,

उसी अपनत्व को ,तुम  अपनाओ यारों || 


जीवन को सुंदर से ,सुंदरतम बनाओ यारों ,

मुस्कुराओ और खिलखिलाओ यारों  || 


Tuesday, January 14, 2025

PRAKAASH ( KSHANIKAA )

 

                               प्रकाश 


दीपक को अपना परिचय ,नहीं देना पड़ता है दोस्तों ,

उसके प्रकाश से ही ,उसका परिचय मिलता है दोस्तों ,

तो तुम भी दीपक बन कर ,प्रकाश देते जाओ दोस्तों || 


दीपक का प्रकाश ,किसे प्रकाशित कर रहा है दोस्तों ?

यह बात दीपक ,स्वयं भी नहीं जानता है दोस्तों ,

तुम भी प्रकाश बिखराने में ,भेद ना करो दोस्तों || 


हर कोई दीपक का ,सम्मान करता है दोस्तों ,

हर कोई दीपक के प्रकाश से ,प्रकाशित होता है दोस्तों ,

हो सके तो तुम भी दीपक बन ,

दुनिया को प्रकाशित करो दोस्तों || 


दीपक बन जब तुम ,जब तुम प्रकाश बिखराओगे दोस्तों ,

तो वह प्रकाश तुम्हें और ,तुम्हारे जीवन को भी ,

प्रकाशित करके ,सुंदर और उजियाला कर देगा दोस्तों || 


Monday, January 13, 2025

AANCHAL UMMIDON KAA ( JIVAN )

 

                         आँचल उम्मीदों का 


बचपन में सभी बच्चे ,साँप - सीढ़ी का खेल खेलते हैं ,

जिंदगी में इसी खेल की तरह ,उतार - चढ़ाव आते हैं || 


कभी भी चढ़ाव आने पर ,गुरूर मत करना दोस्तों ,

जिंदगी में उतार आने पर ,उदास मत होना दोस्तों || 


हमेशा उम्मीद का आँचल ,थामे रखिएगा दोस्तों ,

उम्मीद ही तो होठों पर ,मुस्कान लाती है || 


उम्मीद ही तो आप के ,दिल - दिमाग को शांत बनाती है ,

तो अपनी  उम्मीदों को ,जगाए रखना दोस्तों || 


ये उम्मीदें ही तो ,हमारे जीने का सहारा हैं दोस्तों ,

उतार - चढ़ाव तो जिंदगी का हिस्सा हैं ,आएँगे ही || 


Sunday, January 12, 2025

BACHPAN KE DIN ( KSHANIKAA )

 

                              बचपन के दिन 


एक समय था दोस्तों ,जब हम बच्चे थे ,

खेल ,खिलौनों में डूबे ,एक छोटे बच्चे ,

सभी का असीम प्यार पाते ,एक प्यारे बच्चे ,

माता - पिता के प्यारे - दुलारे ,ऐसे एक दुलारे बच्चे || 


सखि - सहेलियों ,दोस्तों की महफिलों की शान ,

उन सभी के साथ मिल कर ,खेलते हुए सभी की जान ,

हर त्योहार पर मिल कर ,त्योहार का बढ़ाते मान ,

बड़े - बुजुर्गों का दिल से ,करते हुए सम्मान || 


उस नन्हें बचपन से ,आज के दिन तक दोस्तों ,

बहुत लंबा समय बीत गया ,जिम्मेदारियाँ निभाते हुए ,

आज जिम्मेदारियाँ नहीं हैं ,आज फिर से हम ,

बचपन के दिनों में ,वापस आ गए हैं ,

हमारा दिल फिर से ,बच्चा बन गया है दोस्तों  || 


Saturday, January 11, 2025

USKAA INTJAAR HAI ( JIVAN )

 

                         उसका इंतजार है 


सभी को किसी ना किसी का ,इंतजार होता है दोस्तों ,

किसी को दोस्तों का ,किसी को रिश्तों का ,

किसी को मुस्कान का ,किसी को खुशी का ,

हमें तो दोस्तों इंतजार है ,उस पल का ,

जब हम किसी का ,कोई इंतजार पूरा कर सकें || 


कोशिश तो हम करते रहेंगे ,उस पल को लाने की ,

पर पता नहीं ,वह पल कब आएगा ?

कब हमारा ,इंतजार पूरा होगा दोस्तों  ??


 गीत हमें बहुत पसंद है दोस्तों ,

" हम इंतजार करेंगे ,तेरा कयामत तक ,

खुदा करे कि कयामत हो ,और तू आए ,"

दोस्तों हम भी ,उस पल का इंतजार करते रहेंगे ,

और जब वह पल आएगा ,तब हमसे अधिक ,

खुशनसीब इस दुनिया में ,और कोई नहीं होगा || 



Friday, January 10, 2025

HINDII - HINDII ( KSHANIKAA )

 

                                    हिंदी - हिंदी 


दुनिया में हैं कितने देश ? देशों में बहुत से लोग ,

अलग - अलग है उनकी सोच ,साथ ही भाषाएँ भी ,

प्यार जो करते अपनी भाषा से ,

चाहे हो राष्ट्र भाषा ,चाहे हो मातृ भाषा  || 


अपने देश में भी हैं ,बहुत सी भाषाएँ ,

सम्मान हम सभी ,भाषाओं का करते हैं दोस्तों ,

मगर दिल हमारा डूबता है ,केवल अपनी मातृ भाषा में ,

जो हिंदी है दोस्तों ,मीठी भाषा || 


हिंदी बोलते या सुनते समय ,लगता है ,

हमारी माँ का आशीष ,हमारे साथ है ,

माँ का प्यार हमारे ,दिल में है ,

माँ ने हमारा हाथ ,थाम रखा है दोस्तों || 


मीठी सी भाषा ,प्रेम में पगी भाषा ,

एक शब्द के अनेक अर्थ और ,

अनेक अर्थों के लिए एक शब्द ,

सुंदर ,प्यार भरी ,मिठास लिए हिंदी ,हमारी हिंदी || 


Thursday, January 9, 2025

SABRA ( KSHANIKAA )

 

                               सब्र 


दुनिया में सवारियाँ कितनी ? 

सभी की सभी सवारियाँ मजेदार ,

मगर सभी सवारियों की ,चाल अलग है दोस्तों ,

कभी धीरे ,कभी तेज चलें सभी || 


टेढ़ी हों तो यात्री ही गिर जाएँ ,टिक नहीं पाएँ ,

मगर एक सवारी ऐसी ,जो अपने यात्री को ,

कभी ना गिराए , ना खुद की सीट से ,

ना किसी के कदमों में ,ना किसी की नजरों से || 


तो वही सवारी पकड़ो दोस्तों ,

वही तुम्हें हर राह पार कराएगी ,

वही जीवन में ,सफलता और खुशियाँ दिलवाएगी ,

तो दोस्तों उस सवारी का नाम जान लो ,

उस सवारी का नाम है ----  सब्र ,धैर्य ,धीरज || 


Wednesday, January 8, 2025

TARKASH ( KSHANIKAA )

 

                           तरकश  


सभी के पास हौसलों का ,एक तरकश होता है ,

जिसमें सभी तरह के ,तीर होते हैं यारों ,

वक्त पड़ने पर जो ,प्रयोग किए जाते हैं || 


छोटी परेशानियों में ,छोटा तीर चलता है ,

हल्की मुसीबत में ,हल्का तीर चलता है ,

भारी मुसीबत में ,भारी तीर चल जाता है || 


कई बार वक्त ,ऐसा भी आता है यारों ,

जब मुश्किलों का ,पहाड़ खड़ा होता है ,

कोई भी रास्ता ,सूझ नहीं पाता है || 


ऐसे में हिम्मत ना हारो यारों ,

तीरों को परख कर ,कुछ ऐसा तीर चलाओ यारों ,

जो पड़ जाए ,मुश्किलों पर भारी ,

और खुल जाए ,तुम्हारा रास्ता यारों ,

मिल जाएँ ,सभी मुस्कानें वापस यारों || 


Tuesday, January 7, 2025

PUNARJANM !! ( KSHANIKAA )

 

                          पुनर्जन्म  !!


पुनर्जन्म में कभी - कभी ,कुछ जाना - पहचाना लगने लगता है ,

मानो उसे हम पहले जी चुके हैं ,

या उस अनजाने से मिल चुके हैं ,

कहाँ से आया ये अहसास ? क्या पिछले जन्म की याद है ??


कभी यह अहसास ,मैंने भी महसूस किया था ,

आमेर के किले में ,कुछ पल मैंने बिताए ,उस अहसास में ,

एक रानी के रूप में ,कहीं खो गई थी मैं ,

वे पल मैंने एक रानी बन कर बिताए ,

खड़े - खड़े ही मैं लंबे भूत काल में चली गई थी || 


उस खोएपन से वापिस तभी आई ,

जब मेरे पति ने मुझे पुकारा ,

कहाँ खो गई हो ? क्या देख रही हो ? 

उस समय मैं उनसे कुछ ना कह सकी ||

 

दोस्तों वह सब क्या था ? मैं आज भी नहीं जान  सकी , 

क्या खड़े -खड़े सपना देख रही थी ? 

क्या वह मेरे पिछले जन्म की याद थी ? 

जिसका दृश्य मेरी आँखों के सामने ,अचानक से आ गया ,

क्या इसका जवाब मुझे मिल सकता है ? 

अगर कोई जवाब दे सकता हो ,तो कृपया वो जवाब दे || 


Monday, January 6, 2025

PUNARJANM ! ( KSHANIKAA )

 

                             पुनर्जन्म  !


नव जीवन मिला ,नई साँसों से भरपूर ,

नई उमंगों से ,नई आशाओं से भरपूर ,

जग में आकर ,सीखने को बहुत कुछ था ,

कुछ गुण ईश्वर प्रदत्त थे ,और कुछ का विकास करना था || 


मानव शरीर में ,एक अंश परमात्मा का था ,

जिसको आत्मा का नाम दिया ,मानव ने ,

जिसका ना आदि है ,और ना उसका अंश है ,

जिसने अपनी आत्मा को जान लिया ,वही संत है || 


शरीर का अंत है ,मगर आत्मा अमर है ,

इस अमरता के कारण ही ,

आत्मा अपना शरीर रूपी चोला बदलती है ,

वही पुनर्जन्म है बंधु || 


ऐसे में आत्मा अपने ,पुनर्जन्म को भूल जाती है ,

मानो नई यादें बनाने के लिए तैयार ,

नया शरीर पहन कर ,जब वह जग में आती है ,

तो नए जीवन के लिए ,चल पड़ती है ||  


नए रास्ते ,नए रिश्ते ,नई दिन -चर्या ,

सभी कुछ नया - नया ,नया समय ,नई जगह ,

अंत पुराने का ,शुरुआत नए की ,

शुरु हुई इस पुनर्जन्म की कहानी || 


Sunday, January 5, 2025

SWACHCHHATAA FAILAAO ( JALAD AA )

 

                     स्वच्छता फैलाओ 


जल ने हमें जीवन दिया ,उसको व्यर्थ ना जाने दो ,

जल हमें बदरा ने दिया ,बदरा खुद जल वाष्प से बने ,

इसलिए बदरा का स्वागत करो ,दिल खोल के || 


घनन - घनन करते हुए ,बदरा जब आते ,

बच्चों को वह बड़ा डराते ,साथ दामिनी को भी लाते ,

रिमझिम सी बरखा बरसाते ,जल के सारे स्रोत भर जाते ,

मानव का जीवन पनपाते || 


जल को एकत्रित कर लो दोस्तों ,उसे व्यर्थ ना जाने दो ,

आगे आने वाली पीढ़ी को ,पीने का जल रहने दो ,

प्रदूषण रोकना तुम्हारे हाथ में ,उसे रोक लो ,

प्रदूषण रोक दो ,स्वच्छता फैलाओ ,धरा को स्वच्छ बनाओ || 


Saturday, January 4, 2025

GYAAT ( KSHANIKAA )

 

                                      ज्ञात 


"कपिल शर्मा " शो में "आयुष्मान खुराना  " जी की 

" अज्ञात " कविता सुनी ,बहुत पसंद आई ,उसी के 

जवाब में  कुछ कहना चाहती हूँ  ------- 


अज्ञात का जवाब है " ज्ञात " दोस्तों ,

नींद तो अज्ञात नहीं है ,जानी - पहचानी है ,

अपनी आँखों के सागर में ,तैरती सी नैया है दोस्तों || 


उसी नींद में जब ,अज्ञात से सपने तैरते हैं ,

वो सपने जाने - पहचाने बन कर ,जीवन चलाते हैं ,

उन रास्तों पर ,ज्ञात सपने पूरे होने लगते हैं दोस्तों || 


देखे हुए और पूरे हुए सपनों में ,

एक लम्हे का ही फर्क है दोस्तों ,

जिसे हम अज्ञात या ज्ञात कह सकते हैं ,

अपनी - अपनी सोच का फर्क है दोस्तों || 


Friday, January 3, 2025

HAMAARII MAHFIL ( CHANRAMAA )

 

                       हमारी महफिल 


मुस्कान लिए चंदा ,झाँका था झरोखे से ,

दे गया मीठी मुस्कान ,मेरे भी होठों पे || 


चंदा की मुस्कान के साथ ,उतरी थी चाँदनी ,

दोनों ने मिल कर , धरा को चम - चम कर दिया || 


मैं हूँ सखि चंदा की ,लंबा ये नाता है ,

चंदा है सखा मेरा ,खुशियों से भरा नाता है || 


चंदा जब भी आता है ,चाँदनी के साथ ,

मेरा कमरा भी चमक उठता है ,चाँदनी के साथ || 


मुस्कानों से भरी ,हमारी महफिल ,

खिलखिला उठती है ,हमारी महफिल || 


Thursday, January 2, 2025

MUSKAAO ( JIVAN )

 

                           मुस्काओ 


जिंदगी जीने का नशा होगा तो ,

मुस्कुराने का नशा होगा तो ,

जिंदगी बहुत सुंदर बन जाएगी || 


दोस्तों से मिलने का नशा होगा तो ,

मिल के हँसी - मजाक करने का नशा होगा तो ,

जिंदगी रंगों से भर जाएगी || 


रिश्तों को बनाने का नशा होगा तो ,

रिश्तों को निभाने का जज़्बा होगा तो ,

जिंदगी प्रेम ,प्यार से भर जाएगी || 


जिंदगी को सुंदर बनाने के लिए ,

जिंदगी को रंगों से भरने के लिए ,

जिंदगी को प्रेम ,प्यार से भरने के लिए ,

मुस्काओ ,हँसी - मजाक करो और रिश्ते निभाओ || 


Wednesday, January 1, 2025

GAAGAR - SAAGAR ( RATNAAKAR )

 

                         गागर - सागर 


सागर है तू ,गागर हूँ मैं ,दोनों में जल ही जल है ,

पर तुझमें सागर रत्न भरे हैं ,

मैं हूँ सादा जल की गागर ,

सागर ,तेरा पानी नमकीन ,मैं मीठे जल की गागर || 

 

सागर तुझमें तूफान छिपे हैं ,मेरा जल तो प्यास बुझाए ,

सागर तेरे भीतर आकर ,

प्राणी प्यासा मर ही जाए ,

तुझमें सागर जीवन उपजा ,पर मैं जीवन देने वाली गागर || 

 

तू जल का भंडार अतुल ,मैं हूँ छोटी सी गागर ,

तुझमें असंख्य जीव हैं पलते ,

मैं हूँ छोटा  सा आगार ,

पर हम दोनों हैं दोस्त घने ,दोनों का है अलग संसार ||